लखनऊ/इलाहाबाद, 17 मई (आईएएनएस)। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) द्वारा संचालित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम रविवार को घोषित हो गया। इस बार की परीक्षा में भी लड़कियां अव्वल रहीं। इंटरमीडिएट की परीक्षा में लखनऊ की ज्योति राठौर ने 97 प्रतिशत अंक पाकर टॉप किया, जबकि हाईस्कूल में औरेया के सर्वेश वर्मा ने 97़ 7 प्रतिशत अंक पाकर पहला स्थान प्राप्त किया।
परीक्षा का परिणाम घोषित करते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद के निदेशक व सभापति डॉ. अवा नरेश शर्मा ने बताया कि इंटरमीडिएट में परीक्षार्थियों का उत्तीर्णता प्रतिशत 88़ 83 है, जबकि हाईस्कूल में 83़ 74 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं।
इंटरमीडिएट में इस वर्ष पूरे प्रदेश के सम्मिलित 27,64,277 परीक्षार्थियों में से 14,73,090 छात्र तथा 12,91,187 छात्राएं हैं। इनमें से 12,65,515 छात्र तथा 11,89,981 छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं। बालकों का उत्तीर्णता प्रतिशत 85़ 91 तथा बालिकाओं का उत्तीर्णता प्रतिशत 92़16 है।
सभी परीक्षार्थियों में बालिकाओं का उत्तीर्णता प्रतिशत बालकों के उत्तीर्णता प्रतिशत से 6़ 25 तथा संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्णता प्रतिशत व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के उत्तीर्णता प्रतिशत से 02़ 74 अधिक है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक के अनुसार, इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा में कुल 34,95,974 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे, जिनमें 33,78,245 संस्थागत और 1,17,729 व्यक्तिगत थे।
हाईस्कूल में संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्णता प्रतिशत 84़ 18 तथा व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का उत्तीर्णता प्रतिशत 70़ 63 है। इस तरह हाईस्कूल में सभी सफल परीक्षार्थियों का प्रतिशत 83़ 74 है।
डॉ. शर्मा ने इलाहाबाद में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा में सम्मिलित प्रदेश के 30,55,879 परीक्षार्थियों में से 16,31,287 छात्र व 14,24,592 छात्राएं, इनमें से 13,00,585 बालक तथा 12,58,512 बालिकाएं उत्तीर्ण हुई हैं।
शर्मा ने बताया कि बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 79़73 तथा बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 88,34 है। सभी परीक्षार्थियों में बालिकाओं का उत्तीर्णता प्रतिशत बालकों के उत्तीर्णता प्रतिशत से 8़ 61 अधिक है। इसी तरह संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्णता प्रतिशत व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के उत्तीर्णता प्रतिशत से 13़ 55 अधिक है।
गौरतलब है कि इस वर्ष हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 19 फरवरी से शुरू हुई थीं। हाईस्कूल की परीक्षा 11 मार्च को और इंटरमीडिएट की परीक्षा 23 मार्च को समाप्त हुई थी। समूचे प्रदेश में हाईस्कूल के लिए कुल 11,166 तथा इंटर के लिए कुल 10,341 परीक्षा केंद्र निर्धारित हुए थे। दोनों परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 30 मार्च से 13 अप्रैल के बीच प्रदेश के विभिन्न जनपदों में निर्धारित 237 मूल्यांकन केंद्रों पर हुआ।
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