भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि अखिलेश सरकार की लापरवाही से राज्य में शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है, हालात यह कि सरकारी विद्यालयों के छात्र रंैकिग तक में नहीं आ पाए। इतना ही नहीं, 18 फीसदी छात्र हिंदी में फेल हो गए जो शर्मनाक बात है।
प्रवक्ता ने कहा कि सपा शासन के दौरान राज्य में शिक्षा व्यवस्था बदहाली के दौर से गुजर रही है, विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। शिक्षा की अर्हता रखने वाले लोग सड़क पर नौकरी की आस में भटक रहे हैं। शिक्षार्थी समुचित शिक्षा न मिलने के कारण हिंदी में फेल हो रहे हैं। हालात यह कि पिछले वर्षो की तुलना में 2 प्रतिशत के लगभग हाईस्कूल का तथा 3 प्रतिशत से ज्यादा इंटरमीडिएट का रिजल्ट खराब आया है।
उन्होंने कहा कि हिंदी की वकालत करने वाले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की पार्टी शासित राज्य में 18 फीसदी छात्रों के हिंदी में फेल होने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। हिंदीभाषी उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था इतनी बदहाल हो चुकी है कि लगभग एक लाख छात्र पास नहीं हो पाए।
पाठक ने कहा कि परिणामों की दृष्टि से कभी अग्रणी भूमिका में रहने वाले राजकीय विद्यालय आज के दौर में हाशिये पर चले गए हैं। कई विद्यालयों में तो 50 फीसदी छात्र भी पास नहीं हो पाए।
भाजपा प्रवक्ता ने राज्य सरकार से मांग की कि वह यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणामों को लेकर आत्ममंथन करे और उन कारणों का पता लगाए जिनकी वजह से सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर गिरा है। पार्टी ने सरकारी विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों को जल्द भरे जाने की मांग भी की है।
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