स्टेशन अधीक्षक के अनुसार, दोपहर 12.15 के बाद रेल सेवा सामान्य हो पाई। निर्माण रेलवे के इंजीनियरों और अनुभवी तकनीकी कर्मचारियों की मौजूदगी में चल रहा था। संयोग अच्छा रहा अगर यह गार्डर चलती सवारी गाड़ी पर गिरा होता तो बड़ा हादसा होता। इस हादसे में किसी की मौत की खबर नहीं है।
भदोही रेलवे स्टेशन अधीक्षक कोमल जी ने बताया कि प्लेटफार्म संख्या-दो पर मालगाड़ी लगी थी, जबकि प्लेटफार्म संख्या एक पर दूसरी ट्रेन के आने का सिग्नल हुआ था। स्टेशन पर यात्रियों के लिए प्लेटफार्म एक से दो पर जाने के लिए फुटओवर ब्रिज का काम निर्माण कार्य चल रहा है।
ब्रिज के स्लैब निर्माण के लिए क्रेन से बड़ा और वजनी गार्डर चढ़ाए जा रहे थे। एक गार्डर चढ़ चुका था, जबकि दूसरा चढ़ाया जा रहा था। उसी समय लगभग 10.28 बजे एक गार्डर क्रेन से फिसल कर खड़ी मालगाड़ी के डिब्बे पर जा गिरा।
मालगाड़ी में इलाहाबाद के फुलपुर फर्टिलाइजर से यूरिया लोड थी। यह विहार के डाल्नगंज जा रही थी। वजनी गार्डर गिरने से जहां मालगाड़ी का डिब्बा क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं डिब्बे से फिसलता हुआ गार्डर रेल लाइन पर आ गिरा, जिसके चलते रेल यातायात बाधित हो चला। दो घंटे पूरी तरह यातायात प्रभावित रहा।
इस घटना के कारण वाराणसी से देहरादून जाने वाली जनता एक्सप्रेस, कुर्ला से गोरखपुर तक जाने वाली गोरखपुर एक्सप्रेस, ग्वालियर से वाराणसी तक आने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस, लखनऊ से वाराणसी तक आने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस समेत पांच रेल गाड़ियों का परिचालन बाधित रहा।
सभी रेलगाड़ियां परसीपुर, मोढ़, सुरियावां और जघई रेलवे स्टेशनों पर खड़ी रहीं। रेल लाइन साफ होने के बाद रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू हुआ। स्टेशन अधीक्षक के अनुसार, किसी तरह का बड़ा हादसा नहीं हुआ। अगर उस दौरान कोई सवार गाड़ी गुजर रही होती तो निश्चित तौर पर बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता था।
वाराणसी-इलाहाबाद के मध्य रेलवे का विस्तारीकरण चल रहा है। डबल रेल लाइन बिछाने के साथ स्टेशनों के प्लेटफार्मो और ओवरब्रिज का निर्माण प्रगति पर है।
dharmpath.com dharmpath