लखनऊ , 29 अप्रैल (आईएएनएस)। भूकम्प के झटकों के बाद मंगलवार को तेज बारिश और आकाशीय बिजली ने उत्तर प्रदेश में अपना कहर बरपाया, जिसमें राजधानी लखनऊ और उससे सटे कई जिलों में पिछले 24 घंटे में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों को गम्भीर हालत में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
प्राकृतिक आपदा में मरने वालों के परिवार वालों को उप्र के मुख्यमंत्री ने सात-सात लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने और घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है।
पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि पारा के कलन्दर खेड़ा गांव में रहने वाली 35 वर्षीय माया देवी और उनके 14 वर्षीय बेटे दीपक की आकाशीय बिजली से झुलसने के कारण मौत हो गई, जबकि आकाशीय बिजली की चपेट में आने से माया का पति मोहनलाल दुबे झुलस गया, जिसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
यहां पूर्वी इलाके में स्थित कृष्णानगर के इन्द्रपुरी इलाके में रहने वाले 50 वर्षीय दयाराम की बारिश और तेज हवा के कारण टूटी बिजली की तार से करंट लगने के कारण झुलसने से मौत हो गई।
सिन्धुनगर इलाके में उनकी हेयर ड्रेसर की दुकान है। मंगलवार सुबह करीब पौने छह बजे वह खराब मौसम में दूध लेने के लिए घर से निकले थे। घर के पास टूटी पड़ी बिजली की तार से छू जाने के कारण दयाराम करंट की चपेट में आ गए। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर उनके बेटे जितेन्द्र और धर्मेन्द्र व आसपास के लोग बाहर निकले। इस बीच बुरी तरह से झुलसने के कारण उनकी मौत हो चुकी थी।
अमेठी के शाहगढ़ इलाके में 65 वर्षीय शान्ति और शानू और कोमल भी आकाशीय बिजली से झुलस गए। इनमें से शान्ति और शानू की मौत हो गई, जबकि कोमल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रायबरेली के भदोखर इलाके में स्थित पूरे सेवकी गांव में आकाशीय बिजली से झुलसने के कारण 18 वर्षीय अंकुश और 18 वर्षीय अजय की मौत हो गई।
प्रतापगढ़ के लालगंज में स्थित पहाड़पुर गांव में ईंट भट्ठे पर काम करने वाली 22 वर्षीय अनुपमा और सात वर्षीय कोमल की आकाशीय बिजली से झुलसने के कारण मौत हो गई। इसके अलावा सात अन्य लोगों को झुलसने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यहां के महेशगंज इलाके में 65 वर्षीय सुमन देवी की भी आकाशीय बिजली से झुलसने के कारण मौत हो गई। यहां के टिकुड़िया गांव में तेज आंधी के कारण मकान गिरने से मलबे में दबने से घायल हुए युवक की मौत की भी खबर है।
आजमगढ़ के तरवां इलाके में पकड़ी कला गांव में 57 वर्षीय कल्पनाथ राजभर भी आकाशीय बिजली से बुरी तरह से झुलस गए, जिससे उनकी मौत हो गई।
हापुड़ में तेज बारिश के साथ ही तेज हवा के कारण छत पर सो रहे बुजुर्ग की गिरने के कारण घायल होने से मौत हो गई।
कासगंज के चार इलाकों में पांच लोगों की मौत हो गई। सुनगढ़ी इलाके के शाहबाजपुर में 55 वर्षीय उदयवीर सिंह छप्पर गिरने से घायल हो गए, जिससे उनकी मौत हो गई। सोरो इलाके के वरौदा गांव में 14 वर्षीय बबीता पड़ोसियों की दीवार गिरने से मलबे में दब गई, जिससे घायल होने के कारण उसकी मौत हो गई।
नगला लोही गांव में 18 वर्षीय अंशुल छप्पर गिरने से घायल हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई, जबकि सहावर के बाजनगर गांव में छप्पर और जीना गिरने से घायल हुई 12 वर्षीय पायल और कोतवाली इलाके के रामनगर गांव में 45 प्रेम चन्द्र की छप्पर गिरने से दबकर मौत हो गई। लखीमपुर खीरी में ईसानगर में घर पर पेड़ गिरने से कई दीवारें ढह गईं, जिससे पांच लोग घायल हो गए।
उप्र राहत आयुक्त लीना जौहरी के अनुसार राज्य में हालांकि केवल 12 लोगों के मरने की ही पुष्टि हुई है। राहत आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावितों की हरसंभव मदद की जाए।
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