पूर्व में उन्होंने इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग को की थी, जिसने एसएसपी लखनऊ को जांच कर चार सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। एसएसपी ने प्रकरण की जांच सीओ हजरतगंज को दी और सीओ हजरतगंज ने एसओ गौतमपल्ली से रिपोर्ट ले कर अपनी जांच भेज दी।
अमिताभ ने इसे प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत बताते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा अपने स्तर पर इस मामले की जांच किए जाने की प्रार्थना की है। मामले में सुनवाई बुधवार को होगी।
अमिताभ ने शिकायत में कहा था कि उन्हें पुलिस ने धारा 144 सीआरपीसी और हाई सिक्यूरिटी जोन के नाम पर बाहरी गेट पर ही रोक दिया, जबकि वे पूरी तरह अकेले थे और उनके पास कोई भी प्रतिबंधित सामान नहीं था।
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