लखनऊ, 7 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा है कि अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से कराने की पूरी जिम्मेदारी जिलाधिकारी की भी होगी।
मुख्य सचिव ने कहा है कि परीक्षा के बाद मंडलायुक्तों को बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
उन्होंने गुरुवार को सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को भेजे निर्देश में कहा कि परीक्षा केन्द्रों का जल्द निर्धारण कराकर इसकी सूचना परीक्षा नियामक प्राधिकार को भेजी जाए, ताकि अभ्यर्थियों को केंद्र का आवंटन किया जा सके।
टीईटी दो फरवरी को होनी है। इसके लिए अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र वेबसाइट से डाउनलोड करना होगा।
उन्होंने कहा है कि परीक्षा के एक सप्ताह पहले बैठक करके आवश्यक काम पूरे किए जाएं।
प्रश्नपत्र कोषागार के डबल लॉकर में रखे जाएंगे। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के सील्ड बण्डल पर्याप्त पुलिस सुरक्षा में इलाहाबाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी के कार्यालय में भेजे जाएं।
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