लखनऊ, 26 जून 2016 (आईएएनएस/आईपीएन)। अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ-रोधी दिवस के मौके पर रविवार को नरही स्थित लोहिया भवन में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर प्रदेश में बिहार की तरह शराबबंदी लागू करने की मांग उठाई। इस दौरान प्रदेश में ‘शराब हटाओ, समाज बचाओ’ आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया।
लखनऊ, 26 जून 2016 (आईएएनएस/आईपीएन)। अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ-रोधी दिवस के मौके पर रविवार को नरही स्थित लोहिया भवन में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर प्रदेश में बिहार की तरह शराबबंदी लागू करने की मांग उठाई। इस दौरान प्रदेश में ‘शराब हटाओ, समाज बचाओ’ आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया।
अभियान के संयोजक पंकज तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शराब बंदी को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। यूपी में शराब की पूर्ण बंदी के समर्थन में लोगों की ताकत बढ़ती जा रही है। इसके आगे प्रदेश सरकार को राज्य में शराबबंदी के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
वहीं, लक्ष्य जनकल्याण समिति के अध्यक्ष एस.के. बाजपेयी ने कहा कि प्रदेश में शराबबंदी को लेकर जिस तरह से विभिन्न संगठन सड़कों पर उतरने लगे हैं, उससे स्पष्ट दिखने लगा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विकास के साथ-साथ शराबबंदी का मुद्दा भी छाया रहेगा।
इसके अलावा इटावा की राष्ट्रीय लोक समिति के अध्यक्ष सुल्तान सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में ‘शराब हटाओ, समाज बचाओ’ अभियान के संयोजक पंकज तिवारी के नेतृत्व में प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर संघर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर वहां मौजूद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहमति व्यक्त की।
बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस के पूर्व महासचिव कृष्ण गोपाल वर्मा, सोशलिस्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष राम किशोर आदि मौजूद थे।
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