पिछले तीन दिनों से चंडीगढ़ पुलिस कोर्ट के आदेश पर सेहावल गुप्ता की लॉ की डिग्री जांचने के लिए शिया कालेज व लविवि के न्यू कैम्पस होकर आई है, इसके बावजूद वह किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। माना जा रहा है कि इस मामले की भनक लविवि के कुछ संदिग्ध बाबुओं को हो गई थी और आशंका है कि इसके बाद इन लोगों ने कहीं पूरी फाइल ही गायब न कर दी हो।
इस मामले में एक पूर्व प्रोफेसर समेत कई अधिकारी व बाबुओं की मिलीभगत की बात सामने आ रही है।
दरअसल, 9 नवंबर 2011 को विजिलेंस टीम ने 15 लोगों के खिलाफ फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने व वकालत करने की जांच शुरू की। इस मामले में जब जांच आगे बढ़ी तब टीम ने लविवि के 15 लोगों को दोषी मानते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई।
बहरहाल, अब उन्हीं 15 लोगों के नाम लविवि के जिम्मेदार अधिकारियों को सौंपे जा चुके हैं तथा उनके बारे में और जानकारियां एकत्र कराई जा रही हैं।
लविवि की प्रॉक्टर प्रो.निशी पांडेय ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस ने उनसे 19 सितंबर को जांच के लिए आने की बात कही है। उन्होंने कहा कि फर्जी मार्कशीट प्रकरण में चंडीगढ़ टीम को लविवि प्रशासन पूरा सहयोग देगा।
dharmpath.com dharmpath