चित्रकूट, 26 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता और गुलाबी गैंग की कमांडर संपत पाल ने सोमवार को अचानक समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय पहुंच कर सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी श्यामाचरण गुप्त का समर्थन कर दिया। संपत के इस कदम से बुंदेलखंड में कांग्रेस सकते में आ गई है। लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने से संपत ने कांग्रेस से बगावत कर सपा से नजदीकियां बढ़ाई हैं।
इस बार लोकसभा चुनाव में बांदा-चित्रकूट सीट से कांग्रेस के टिकट पर संपत पाल का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन दस्यु ददुआ के भाई और मिर्जापुर के पूर्व सपा सांसद बाल कुमार के अचानक कांग्रेस में शामिल होने और कांग्रेस द्वारा उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने से संपत नाराज हैं। वह सोमवार को अचानक समाजवादी पार्टी (सपा) के स्थानीय कार्यालय पहुंचीं और उन्होंने सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी श्यामाचरण गुप्त के समर्थन का ऐलान कर दिया।
संपत ने मंगलवार को कहा, “मैं सोनिया गांधी के कहने पर कांग्रेस में शामिल हुई थी और उनकी ही मर्जी से मानिकपुर विधानसभा सीट से दो बार कांग्रेस ने टिकट दिया था। बाल कुमार के कांग्रेस में शामिल होने से पहले बांदा-चित्रकूट लोकसभा सीट से मेरा टिकट पक्का था, लेकिन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने एक डकैत के भाई को टिकट थमा दिया है।”
एक सवाल के जवाब में संपत ने कहा कि वह गुलाबी गैंग की टीम के साथ अब गठबंधन प्रत्याशी को जिताने में अपनी ऊर्जा खर्च करेंगी, साथ ही सपा में शामिल भी हो सकती हैं।
संपत के अचानक गठबंधन प्रत्याशी का समर्थन करने से बुंदेलखंड में कांग्रेस सकते में आ गई है। टिकट की लाइन में रहे कांग्रेस की चित्रकूट इकाई के अध्यक्ष पंकज मिश्रा कहते हैं, “जमीन पर संपत का अब कोई वजूद नहीं बचा है। कांग्रेस ने संपत को दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ाकर गलती की थी। अच्छा हुआ वह कांग्रेस से चली गईं।”
कभी बुंदेलखंड में महिला हक-हकूक की लड़ाई में उग्र प्रदर्शन के लिए चर्चित गुलाबी गैंग की कमांडर संपत 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में चित्रकूट जिले की मानिकपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रही थीं, लेकिन दोनों बार उन्हें पराजय हाथ लगी थी।
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