उरई-जालौन, 7 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में उरई-जालौन जिले की एक स्थानीय अदालत ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसला कर ले जाने और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के चार साल पुराने मामले में बुधवार को दो दोषियों को 20-20 साल की कैद की सजा सुनाई है और दोनों पर 17-17 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
उरई-जालौन, 7 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में उरई-जालौन जिले की एक स्थानीय अदालत ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसला कर ले जाने और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के चार साल पुराने मामले में बुधवार को दो दोषियों को 20-20 साल की कैद की सजा सुनाई है और दोनों पर 17-17 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह ने गुरुवार को बताया, “अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) चंद्रपाल सिंह की अदालत ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसला कर दिल्ली ले जाने और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप साबित हो जाने पर बुधवार को कोटरा थाना क्षेत्र के कल्लू केवट और जगमोहन राठौर को 20-20 साल की कैद की सजा सुनाई है और दोनों पर 17-17 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।”
उन्होंने बताया कि “दोनों दोषी मार्च 2015 में अपने गांव की ही एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसला दिल्ली ले गए थे और वहां चार दिन तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। पुलिस ने दोनों दोषियों को पीड़िता के साथ दिल्ली से वापस आते समय जिले की सीमा में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सरकारी अस्पताल में हुए चिकित्सीय परीक्षण में लड़की के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी।”
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