यहां से 16 ट्रकों में पीने का पानी, 7 में बिस्किट, 4 में मैगी एवं दूध तथा 1 ट्रक में रस्क के पैकेट भेजे गए हैं।
शासन के प्रवक्ता ने बताया कि 28 ट्रकों को पहले ही नेपाल के लिए रवाना किया जा चुका है। इन ट्रकों में से 18 ट्रक नेपाल में भारतीय दूतावास को प्राप्त हो चुके हैं। इन ट्रकों में से एक ट्रक में दवाएं व शेष ट्रकों में खाद्य सामग्री भेजी गई है। उन्होंने बताया कि नेपाल के भूकंप पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में मुख्यमंत्री लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से अद्यतन जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि नेपाल में फंसे लोगों को बाहर निकालने एवं बचाव राहत कार्य में मदद पहुंचाने के लिए राज्य से 82 बसें नेपाल पहुंच चुकी हैं। इसके अलावा 18 और बसों को भेजा जा रहा है। नेपाल एवं गोरखपुर के बीच बस सेवा भी शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही प्रदेश से 45 चिकित्सक भी भरतपुर मेडिकल कॉलेज, नेपाल पहुंच कर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि भूकम्प पीड़ितों के लिए जनपद गोरखपुर, लखीमपुर खीरी तथा महाराजगंज में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां भूकम्प पीड़ितों को चिकित्सा सहित सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने राज्य में रहने वाले नेपाली मूल के ऐसे व्यक्तियों को, जो भूकंपग्रस्त नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों में राहत सामग्री बांटना चाहते हैं, उन्हें वाहन व अन्य संसाधन राज्य सरकार की तरफ से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही यह सुविधा प्रदेश के उन नागरिकों को भी मुहैया कराई जाएगी, जो नेपाल में राहत सामग्री बांटना चाहते हैं। राहत कार्यों में अपना योगदान देने वाले ऐसे इच्छुक व्यक्ति उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कंट्रोल रूम में स्थापित फोन नंबर 0522-4915703 तथा फैक्स नंबर 0522-4915723 पर संपर्क कर सकते हैं।
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