सूत्रों के अनुसार, बच्चों में समझ पैदा करने के लिए गणित और विज्ञान का पैटर्न भी बदला जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने शैक्षिक सत्र 2015-16 को शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन वर्ष के रूप में मनाने की निर्णय लिया है। स्कूलों एवं शिक्षकों के परफार्मेंस का नियमित आकलन किया जाएगा।
सूत्रों ने कहा कि छात्रों के पढ़ाई का स्तर जांचने के लिए नियमित अंतराल पर आंतरिक परीक्षा कराई जाएगी। छात्रों के ज्ञान को स्कूल और शिक्षकों के परफार्मेंस का संकेत माना जाएगा। परफार्मेंस के आकलन के लिए स्कूलों की ग्रेडिंग कराई जाएगी।
सूत्रों ने कहा कि ग्रेडिंग में अव्वल आने वाले स्कूलों को पुरस्कृत किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि जिला स्तर पर यह व्यवस्थाएं 30 जून तक पूरी कर ली जाएगी। इससे स्कूल खुलने के साथ इसे प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि उच्च प्राइमरी स्कूलों में गणित व विज्ञान की पढ़ाई के पैटर्न में बदलाव किया जाएगा।
dharmpath.com dharmpath