नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री उमा भारती यहां 22 मार्च को गंगा नदी के किनारे वनरोपण (वानिकी हस्तक्षेप) पर एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जारी करेंगी।
गंगा संरक्षण कार्यक्रम के एक हिस्से के तौर पर गंगा नदी के किनारे पेड़ लगाने (वानिकी हस्तक्षेप) की योजना है।
इस प्रक्रिया में जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के तहत गठित राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने (एनएमसीजी) फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई), देहरादून को यह जिम्मेदारी दी है कि वह वानिकी हस्तक्षेप के बारे में एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करे। एफआरआई को यह जिम्मा, पिछले साल दिया गया था।
संस्थान द्वारा मसौदा एनएमसीजी को सौंपने के बाद जल संसाधन मंत्रालय ने इस पर अपनी मंजूरी देते हुए एफआरआई को इस रिपोर्ट को अंतिम रूप देने और इसमें एएमसीजी/मंत्रालय की विशेष टिप्पणियों और सुझावों को शामिल करने को कहा।
अंतिम विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण राज्य मंत्री प्रोफेसर सांवरलाल जाट की उपस्थिति में जारी की जाएगी।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जारी होने के अवसर पर एक दिवसीय कायर्शाला का भी आयोजन किया जा रहा है।
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