मुंबई, 3 जुलाई (आईएएनएस)। देश के नेशनल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एनएमसीई) और इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज (आईसीईएक्स) ने सोमवार को कहा कि दोनों ने देश का तीसरा सबसे बड़ा कमोडिटी एक्सचेंज बनाने के लिए विलय का फैसला किया है।
मुंबई, 3 जुलाई (आईएएनएस)। देश के नेशनल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एनएमसीई) और इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज (आईसीईएक्स) ने सोमवार को कहा कि दोनों ने देश का तीसरा सबसे बड़ा कमोडिटी एक्सचेंज बनाने के लिए विलय का फैसला किया है।
इस विलय को दोनों ही एक्सचेंजों के बोर्ड ने मंजूरी दे दी है।
एनएमसीई और आईसीईईएक्स ने एक संयुक्त बयान में कहा, “प्रस्तावित विलय से देश के तीसरे सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज का निर्माण होगा, जहां कांट्रैक्ट की व्यापक रेंज प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें बुलियन, तेल, रबर और अन्य कृषि उत्पाद शामिल होंगे।”
इस एक्सचेंज में दुनिया का पहला हीरा वायदा कारोबार शुरू किया जाएगा, जिसे नियामकों का ‘सैद्धांतिक अनुमोदन’ प्राप्त हो चुका है।
आईसीईएक्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीत प्रसाद ने कहा, “इस विलय की वजह से भारत की तेजी से बढ़ती कमोडिटी बाजार की वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी।”
एनएमसीई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल मिश्रा ने कहा, “सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (सीडब्ल्यूसी) की वेयररहाउसिंग सुविधा का वृहद आधार जो कि 98.9 लाख टन है, वह संयुक्त कंपनी को अखिल भारतीय स्तर पर प्राप्त हो जाएगा, जिससे संयुक्त कंपनी के सक्रिय सदस्यों के व्यापक आधार के कारण अधिक तरलता उत्पन्न करेगा।”
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