एनएसजी की बैठक से पहले भारत के विदेश सचिव का दक्षिण कोरिया दौरा

नई दिल्ली, 22 जून (आईएएनएस)। परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों के समूह (एनएसजी) की दक्षिण कोरिया की राजधानी में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले भारत के विदेश सचिव एस.जयशंकर बुधवार को दक्षिण कोरिया की यात्रा पर रवाना हो गए। उनके इस दौरे की पहले घोषणा नहीं की गई थी। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है कि जब ऐसी उम्मीद है कि एनएसजी भारत की सदस्यता के आवेदन पर विचार कर सकता है।

एक उच्च पदस्थ कूटनीतिक सूत्र ने यहां कहा, “यह सही है कि विदेश सचिव सियोल के लिए रवाना हो गए हैं।”

सूत्र ने कहा कि भारत का उस क्लब में प्रवेश ‘एक जटिल प्रक्रिया’ है और इस संबंध में फिलहाल कुछ भी अंतिम रूप से नहीं कहा जा सकता। बेहतर होगा कि ‘हम इस वक्त किसी तरह की अटकलबाजी नहीं करें।’

विदेश सचिव का दक्षिण कोरिया का अकस्मात दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जबकि चीन के विरोध के बावजूद भारत एनएसजी राष्ट्रों से अपनी सदस्यता के आवदेन के पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश में जुटा है।

48 देशों का यह समूह आम सहमति के सिद्धांत पर काम करता है और किसी नए सदस्य को इसमें शामिल होने की अनुमति तभी देता है जब सभी मौजूदा सदस्य देशों के बीच इसके लिए आम सहमति हो।

चीन जोर दे रहा है कि भारत, जिसने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, को तब तक एनएसजी सदस्य के रूप में अनुमति नहीं दी जा सकती, जब तक कि इस पर आम सहमति नहीं बन जाती।

चीन का कहना है कि यदि भारत को किसी तरह की रियायत दी जाती है तो यही रियायत पाकिस्तान को भी मिलनी चाहिए। कुछ अन्य देशों को भी भारत की सदस्यता को लेकर आपत्ति है।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के ताशकंद में होने वाले दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने वाले हैं, जिसे यूरेशियाई राजनीतिक एवं गुट के रूप में देखा जाता है।

इस दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की संभावना है। वह शी के साथ बाचतीत में एनएसजी की सदस्यता के लिए भारत की ओर से दिए गए आवेदन का मुद्दा उठा सकते हैं।

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