टालाहासी (फ्लोरिडा), 25 जून (आईएएनएस)। पंजाब में जन्मे सतनाम सिंह नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (एनबीए) में खेल सकेंगे या नहीं, इसका फैसला शुक्रवार को होना है। सतनाम का कहना है कि एनबीए में जाना आसान नहीं है।
एनबीए का ड्राफ्ट शुक्रवार को सामने आएगा, जिसके बाद यह पता चल सकेगा कि 19 साल के सतनाम एनबीए में खेलने वाले पहली भारतीय (भारत में जन्मे) बन सकेंगे या नहीं।
पंजाब निवासी सतनाम सात फुट दो इंच लम्बे हैं और अपने खेल को लेकर काफी मेहनत करते हैं लेकिन इसके बावजूद वह ड्राफ्ट में शामिल होने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं।
बीते साल अमेरिका में जन्मे भारतीय खिलाड़ी सैम भुल्लर ने एनबीए में जगह बनाई थी।
वेबसाइट न्यूज डॉट कॉम डॉट एयू ने सतनाम के हवाले से लिखा है, “कई लोग मुझे संदेश भेजते हैं। आप कब एनबीए में जा रहे हैं। मैं कहता हूं कि एनबीए में जाना आसान नहीं। आप काफी मेहनत करते हैं और तब एनबीए में जाते हैं। यह किसी के लिए आसान नहीं।”
सतनाम ने कहा कि भारत में इस खेल को लेकर जागरुकता और लोकप्रियता बढ़ रही है और अब इस खेल को पेशेवर लिहाज से लिया जाता है।
बकौल सतनाम, “भारत में अब बास्केटबॉल को लेकर हालात बदले हुए हैं। मुम्बई, दिल्ली और पंजाब में कई एनबीए कोच आज काम कर रहे हैं। बीते दो साल में हालात काफी बदल गए हैं। अब यह खेल भारत में काफी लोकप्रिय हो गया है।”
सतनाम के लिए बोस्टन सेल्टिक्स ने रुचि दिखाई है। यह टीम रिकार्ड 17 बार एनबीए खिताब जीत चुकी है।
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