पणजी, 27 मार्च (आईएएनएस)। गोवा में गहाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के तीन में से दो विधायकों ने आधी रात को क्षेत्रीय पार्टी छोड़ अपनी दो सदस्यीय विधायक दल इकाई का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय कर लिया। गोवा विधानसभा उपाध्यक्ष माइकल लोबो ने यह जानकारी दी।
लोबो ने आईएएनएस से कहा, “एमजीपी विधायक मनोहर अजगाओंकर और दीपक पौस्कर ने भाजपा में विलय कर लिया है। उन्होंने पहले एमजीपी छोड़ी और उसके बाद एमजीपी-2 का गठन कर भाजपा में विलय कर लिया।”
लोबो को भाजपा में विलय के लिए प्रार्थना पत्र आधी रात को 1.45 बजे दिया गया।
पिछले सप्ताह सरकार गठन के समय एमजीपी के सिर्फ दो लोगों को मंत्री बनाए जाने के बाद से भाजपा और एमजीपी के बीच तनाव स्पष्ट दिखने लगा था। पार्टी के नेता और उपमुख्यमंत्रीसुदिन धावलिकर ने हालांकि तीन मंत्रीपद मांगे थे।
राजभवन में 19 मार्च को शपथ ग्रहण समारोह में धावलिकर को लोक निर्माण विभाग मंत्रालय तथा अजगाओंकर को पर्यटन मंत्रालय दिया गया था।
अजगाओंकर द्वारा उपाध्यक्ष को दिए गए पत्र में लिखा गया, “हम, मनोहर अजगाओंकर और दीपक पौस्कर भाजपा में विलय के लिए राजी हैं। 10वीं अनुसूची के खंड 4 के उपखंड (2) को देखते हुए और विधायक दल का दो-तिहाई होने के कारण ऐसा विलय माना जाएगा।”
जब दोनों विधायकों ने लोबो को पत्र दिया और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की उपस्थिति में भाजपा में विलय किया उस समय भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विनय तेंदुलकर वहां मौजूद थे।
दो सदस्यीय विधायक इकाई के भाजपा में विलय के बाद भगवा पार्टी तथा कांग्रेस के 14-14 विधायक हो गए हैं।
विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए मनोहर अजगाओंकर ने कहा कि उन दोनों विधायकों को एमजीपी में निर्णय प्रक्रिया से दूर रखा गया, इसी कारण उन्होंने क्षेत्रीय पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।
अजगाओंकर ने यह भी कहा कि इस सप्ताह दोनों धावलिकर भाइयों ने एमजीपी से बहुजन समाज (अन्य पिछड़ा वर्ग) के एक नेता को बर्खास्त कर पार्टी के स्तर पर प्रश्न खड़ा कर दिया है। दोनों भाई ब्राह्मण हैं।
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