नई दिल्ली-एलन मस्क ने शनिवार (10 सितंबर) को उद्योगपति मुकेश अंबानी पर अपना हमला और तेज कर दिया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीधे मोदी सरकार और उद्योगपति मुकेश अंबानी के कारोबारी समूह को निशाने पर लिया.
उन्होंने कई ऐसी ख़बरों के स्क्रीनशॉट भी साझा किए, जिनमें आरोप लगाया गया है कि रिलायंस की फंडिंग वाली एक कंपनी ने सोशल मीडिया पर भाजपा के चुनावी अभियानों को बढ़ावा देने में मदद की और रिलायंस से जुड़ी एक कंपनी ने सत्तारूढ़ पार्टी को चंदे में बड़ी रकम दी थी.
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर मस्क की ताजा पोस्ट में अल जजीरा की वर्ष 2022 की एक रिपोर्ट शामिल थी, जिसका शीर्षक था, ‘रिलायंस की फंडिंग वाली कंपनी फेसबुक पर भाजपा के अभियानों को कैसे बढ़ावा देती है.’उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस की वर्ष 2024 की एक पुरानी रिपोर्ट भी साझा की, जिसमें क्विक सप्लाई (Qwik Supply) के बारे में बताया गया था. रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस से जुड़ी इस कंपनी ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से भाजपा को 385 करोड़ रुपये और शिवसेना को 25 करोड़ रुपये का चंदा दिया था.रिलायंस ने मस्क के आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
सरकार ने कहा है कि देश में दूरसंचार और सैटेलाइट सेवाओं के लिए अनुमति देने की व्यवस्था ‘निष्पक्ष और भेदभाव रहित’ है. सरकार ने इस व्यवस्था को चुनिंदा कंपनियों के खिलाफ या पक्ष में इस्तेमाल किए जाने के किसी भी आरोप को ‘निराधार और गलत नैरेटिव पर आधारित’ बताया है.इन ख़बरों को पोस्ट करने से कुछ घंटे पहले मस्क ने एक्स पर मुकेश अंबानी को ‘प्रधानमंत्री अंबानी’ कहकर संबोधित किया था और उन पर एकाधिकार को बचाने का आरोप लगाया था. मस्क ने सवाल किया कि क्या अंबानी भारत में अपनी कंपनी को उनकी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के साथ प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देना चाहेंगे.
मस्क ने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली कारोबारी हित भारत में अपनी बाजार पर पकड़ बनाए रखने के लिए उनकी सेवा को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुछ ताकतवर कारोबारी समूह भारतीय बाजार में अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए स्टारलिंक की राह में बाधा डाल रहे हैं, ताकि भारतीय लोगों पर उनका ‘एकाधिकारवादी शिकंजा’ कायम रहे.
dharmpath.com dharmpath