नई दिल्ली-एसआईआर प्रक्रिया में हुई कथित धांधली के आरोपों के बीच में खड़े मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में मध्य इलाके में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. पुलिस इन प्रदर्शनों को रोकने का हर संभव प्रयास कर रही है, रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम 7000 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.
विभिन्न स्टेशनों पर मेट्रो सेवा पर लगी रोक को रात 10 बजे तक बढ़ा दिया गया है. निर्धारित धरना स्थल जंतर मंतर तक पहुंच रोके जाने के कारण प्रदर्शनकारी राजधानी के विभिन्न इलाक़ों में विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश लगातार कर रहे हैं.
आईएनए के पास प्रदर्शन कर रहे सभी लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. ये प्रदर्शनकारी ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ जंतर मंतर के लिए मार्च कर रहे थे. पुलिस द्वारा सफ़दरजंग फ्लाइओवर के पास रोके जाने के बाद इन प्रदर्शनकारियों ने आईएनए के पास धरना दिया. नेहा बोरा को पहले ही हिरासत में लिया गया था.
आइसा ने जानकारी दी थी कि दिल्ली पुलिस ने हिरासत में नेहा बोरा और कार्यकर्ता निरमा के फोन अवैध रूप से ले लिए हैं और उन्हें वकीलों से मिलने नहीं दिया जा रहा है. आइसा ने कहा, ‘उन्हें एक अलग कमरे में रखा गया है और पुलिस नेहा और निरमा को वकीलों से मिलने नहीं दे रही है. हम मांग करते हैं कि नेहा और निरमा के फोन तुरंत लौटाए जाएं और उन्हें अपने वकीलों से मिलने दिया जाए.’
आज शाम चार बजे के लगभग पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस के पांच सांसदों के साथ द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन में धरने पर बैठ गई हैं, जहां उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद लाया गया था.
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