हैदराबाद, 7 जनवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना में टीआरएस सरकार ने सोमवार को एल्विस स्टीफेंसन को विधानसभा के सदस्य के तौर पर दोबारा नामित किया।
नई कैबिनेट की पहली बैठक में मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने एंग्लो-इंडियन समुदाय के स्टीफेंसन को दोबारा चुन लिया।
इसके साथ ही वह अन्य नव निर्वाचित विधायकों के साथ 17 जनवरी को शपथ ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, निर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण करने से पहले ही एंग्लो-इंडियन समुदाय के प्रतिनिधि का नामांकन पहली बार हुआ है।
2014 में नव गठित राज्य में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) द्वारा पहली सरकार बनाने के बाद स्टीफेंसन (61) को नामित किया गया था।
पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों में सत्ता बरकरार रखने वाली टीआरएस स्टीफेंसन को इनाम देती लग रही है। स्टीफेंसन ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के एक प्रमुख नेता को उन्हें 50 लाख रुपये की रिश्वत देने का प्रस्ताव रखने के आरोप में गिरफ्तार कराया था। तेदेपा नेता ने कथित तौर से 2015 में विधान परिषद चुनावों में उन्हें तेदेपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट देने के लिए 50 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया था।
तत्कालीन तेदेपा नेता रेवंत रेड्डी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उस समय रंगे हाथों पकड़ा था जब वह स्टीफेंसन को 50 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दे रहे थे जिन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।
नामित विधायक को उनका वोट देने के बदले में पांच करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था।
बाद में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और स्टीफेंसन का एक कथित फोन टेप भी वायरल हुआ था। टीआरएस ने आरोप लगाया था कि ‘इस वोट के बदले नोट’ मामले के पीछे नायडू थे।
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