जियाजिया नामक यह बच्चा गुआंग्झू के तियानडाओझेन्गकी पुनर्वास संस्थान में 27 अप्रैल को निमोनिया और इंसेफ्लाइटिस के कारण मर गया था।
अस्पताल के रिकार्ड के मुताबिक, मरने से एक दिन पहले जियाजिया ने 19 किलोमीटर की लंबी सैर की थी। जिसके कारण उसकी हालत काफी खराब हो गई और वह पूरी रात पेशाब करता रहा था।
जियाजिया की मां झैंग वेई ने कहा, “वह यहां मार्च में भर्ती हुआ था। मैंने संस्थान के संस्थापक शिया डेजुन की ऑटिज्म पर आधारित किताब पढ़कर उसे यहां एक प्रयास के तहत भर्ती कराया था। जिसके तहत बच्चों को पैदल चलवाकर उनके अंदर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकाला जाता था।”
इस चिकित्सा संस्थान का संचालन रोक दिया गया है और पुलिस, व्यावसायिक अधिकारियों और चिकित्सकों द्वारा इसकी जांच की जा रही है।
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