मेलबर्न, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ को कोरल ब्लीचिंग (मूंगे के विरंजन) ने 93 प्रतिशत तक प्रभावित कर दिया है। हवाई और समुद्री सर्वेक्षणों ने इसकी जानकारी दी।
मेलबर्न, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ को कोरल ब्लीचिंग (मूंगे के विरंजन) ने 93 प्रतिशत तक प्रभावित कर दिया है। हवाई और समुद्री सर्वेक्षणों ने इसकी जानकारी दी।
व्यक्तिगत तौर पर 911 चट्टानों के सर्वेक्षण से पता चला है कि छोटे और बड़े प्रभावों के द्वारा दीवार को 2,300 किलोमीटर तक क्षति पहुंची है।
नेशनल कोरल ब्लीचिंग टास्क फोर्स के प्रोफेसर टेरी हगीस ने बुधवार को कहा कि उन्होंने इतने बड़े पैमाने पर ब्लीचिंग से होने वाला नुकसान नहीं देखा था।
टेरी के अनुसार, “उत्तरी ग्रेट बैरियर रीफ को देखकर ऐसा लग रहा है कि एक साथ 10 चक्रवातों ने इसे प्रभावित किया है। वहीं दक्षिणी छोर की ओर अधिकतर चट्टानों को ब्लीचिंग से अधिक क्षति नहीं पहुंची है। इसलिए उनके जल्द ही ठीक होने की संभावना है।”
उन्होंने बताया कि कोरल ब्लीचिंग से पूरी दीवार का केवल सात प्रतिशत (68 चट्टानें) हिस्सा ही सुरक्षित बचा हुआ है।
क्वींसलैंड टूरिज्म इंडस्ट्री काउंसिल के मुख्य कार्यकारी डेनियल गशविंड के अनुसार, “यह अच्छी बात है कि चट्टान के कई हिस्से अब भी बेहतर हालत में हैं, लेकिन कोरल ब्लीचिंग की अनदेखी और केवल सुधारों की आशा पर्याप्त नहीं है। इसके लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।”
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