इस्लामाबाद, 20 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार, दुनिया के मुस्लिम देशों के सबसे बड़े गुट इस्लामिक समन्वय संगठन (ओआईसी) ने शनिवार को कहा है कि ‘कश्मीर भारत की आंतरिक समस्या नहीं है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा है’।
पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर आए ओआईसी के महासचिव इयाद अमीन मदनी ने पाकिस्तान के विदेश सलाहकार सरताज अजीज के साथ जम्मू एवं कश्मीर में ‘मानवाधिकार उल्लंघन’ को लेकर चर्चा की।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद नफीस जकारिया ने एक ट्वीट किया, “ओआईसी के महासचिव ने दृढ़ इच्छाशक्ति से अपने अधिकारों की रक्षा कर रहे कश्मीरियों के प्रति समर्थन जाहिर किया।”
मदनी ने कहा कि ओआईसी के अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे कश्मीरियों पर हो रहे ‘अत्याचार’ के खिलाफ आवाज उठाएं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के अनुसार जनमत संग्रह की उनकी मांग का समर्थन करें, ताकि कश्मीर के नागरिक अपने अधिकारों के बारे में खुद निर्णय कर सकें।
जकारिया के अनुसार ओआईसी के महासचिव ने कहा, “कश्मीर भारत की आंतरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह एक अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा है।”
पाकिस्तान के समाचार चैनल जीयो न्यूज की एक रिपोर्ट के दौरान सरताज अजीज ने कश्मीर में ‘लगातार बढ़ रही कथित न्यायिक हिंसा’ पर चिंता व्यक्त की है।
अजीज और मदनी ने संयुक्त रूप से एक संवाददाता सम्मलेन के दौरान ये बातें कहीं।
ओआईसी ने कहा कि दुनिया कश्मीर में जारी अत्याचारों पर अब चुप्प नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि कश्मीर में जनमत संग्रह कराया जाएगा। हमें जनमत संग्रह से घबराना नहीं चाहिए। यह निर्णय करने का हक उन्हीं को है कि वे वहां (भारत) रहना चाहते हैं या यहां (पाकिस्तान)।”
अजीज ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून के उस वक्तव्य की भी सराहना की जिसमें मून ने संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय वार्ता की पेशकश रखी है।
हालांकि भारत ने पाकिस्तान की कश्मीर समस्या पर वार्ता की पेशकश को ठुकरा दिया है और कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत सीमापार से आ रहे आतंकवाद पर केंद्रित होनी चाहिए।
भारत ने यह भी कहा है कि विदेश सचिव स्तर की वार्ता ‘जम्मू एवं कश्मीर के एक हिस्से पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे को जितना जल्दी संभव हो सके खत्म करने’ पर केंद्रित होगी।
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