रियो ओलम्पिक (बैडमिंटन) : चेन ने अधूरा रखा ली के स्वर्ण जीतने का सपना

रियो डी जनेरियो, 20 अगस्त (आईएएनएस)। विश्व के दूसरी वरीयता प्राप्त पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी चीन के चेन लोंग ने ब्राजील की मेजबानी में खेले जा रहे ओलम्पिक खेलों में शनिवार को पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में जीत हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

लगातार तीसरी बार ओलम्पिक के फाइनल में पहुंचे मलेशिया के ली चोंग वेई को एक बार फिर रजत पदक से संतोष करना पड़ा और स्वर्ण जीतने का उनका सपना अधूरा ही रह गया।

रियोसेंटर पवेलियन-4 पर हुए फाइनल में लोंग ने विश्व चैम्पियनशिप-2015 के फाइनल को दोहराते हुए विश्व की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त वेई को सीधे गेमों में 21-18, 21-18 से मात दे दी।

लंदन ओलम्पिक-2012 में भी वेई स्वर्ण पदक से चूक गए थे। तब चीन के ही लिन डैन ने उन्हें फाइनल में मात देकर रजत पदक तक सीमित कर दिया था। हालांकि डैन को इस बार रियो से खाली हाथ लौटना पड़ा। शनिवार को ही इससे पहले कांस्य पदक के लिए हुए मैच में डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन ने डैन को हरा कांस्य पदक जीता।

विश्व के दो शीर्ष खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा हुई और बेहतरीन रैलियों के बीच अंक हासिल करने की जद्दोजहद ने मैच में दर्शकों को अपनी जगह से उठने नहीं दिया।

वेई ने पहले गेम की शानदार शुरुआत की और 3-0 से बढ़त ले ली, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने जल्द वापसी करते हुए स्कोर 4-4 कर दिया। इसके बाद स्कोर 5-5, 6-6, और 7-7 तक बराबरी पर चलता रहा।

यहां से वेई ने लगातार चार अंक हासिल किए और 11-7 से आगे निकल गए, लेकिन लोंग ने एक बार फिर जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 13-13 से बराबर कर लिया और फिर 18-16 से बढ़त ले ली। इससे बाद वह फिर नहीं रुके और 21-18 से गेम अपने नाम किया। यह गेम 35 मिनट तक चला।

दूसरे गेम में चीनी खिलाड़ी वेई पर हावी रहे और 3-1 से शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। वेई ने वापसी करते हुए स्कोर 5-5 कर लिया और फिर 8-7 से आगे निकल गए।

लोंग ने एक बार फिर दमदार खेल दिखाया और 12-11 की बढ़त ले ली। जिसे कायम रखते हुए उन्होंने 38 मिनट तक चले दूसरे गेम को जीत स्वर्ण हासिल किया।

चेन लोंग का ओलम्पिक में यह पहला स्वर्ण पदक है। लंदन ओलम्पिक-2012 में वह कांस्य पदक विजेता थे।

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