भुवनेश्वर, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और असम के पूर्व राज्यपाल जानकी बल्लभ पटनायक का मंगलवार को तिरुपति (आंध्र प्रदेश) के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।
एक पारिवारिक सूत्र ने बताया कि 89 वर्षीय पटनायक ने मंगलवार तड़के तीन बजे अंतिम सांस ली।
पटनायक सोमवार को तिरुपति राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित एक सम्मेलन में हिस्सा लेने तिरुपति पहुंचे थे, जहां वह मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। पटनायक विश्वविद्यालय के कुलाधिपति थे।
पटनायक की बहू सौम्या रंजन पटनायक ने बताया कि उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां तड़के तीन बजे उन्होंने आखिरी सांस ली।
कांग्रेस के अनुभवी नेता पटनायक के परिवार में उनकी पत्नी जयंती पटनायक, बेटा पृथ्वी बल्लभ पटनायक और दो बेटियां सुदत्ता पटनायक एवं सुप्रिया पटनायक हैं।
पटनायक के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए मंगलवार दोपहर विशेष विमान से भुवनेश्वर भेजा जाएगा, जहां पुरी स्थित स्वर्गद्वार में उनका दाह संस्कार किया जाएगा।
ओडिशा के खोरधा जिले के रामेश्वर गांव में तीन जनवरी 1927 को जन्मे पटनायक 1971 में पहली बार लोकसभा पहुंचे थे और इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार में रक्षा राज्य मंत्री थे।
वर्ष 1980 में वह संसदीय चुनाव में दूसरी बार निर्वाचित होकर लोकसभा पहुंचे थे और पर्यटन, नागरिक उड्डयन एवं श्रम मंत्री बनाए गए थे।
वह 1980-1989 तक दो बार ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे थे और 1995-1999 में तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की बागडोर संभाली थी। 2004-2009 तक वह ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके थे।
वर्ष 2009 में वह असम के राज्यपाल बने थे और बीते साल कार्यकाल पूरा होने के बाद दिसंबर में ओडिशा लौटे थे।
राजनीति में आने से पहले पटनायक ने एक पत्रकार के रूप में करियर की शुरुआत की थी। वह संस्कृत के विद्वान थे और उन्होंने कई किताबें लिखी है।
ओडिशा सरकार ने पटनायक के सम्मान में मंगलवार को राजकीय अवकाश और सात दिनों का शोक घोषित किया है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, राज्यपाल एस. सी. जमीर, कई मंत्री और राजनीतिज्ञों ने पटनायक के निधन पर शोक जताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पटनायक के निधन पर शोक जताया और कहा कि उन्हें ओडिशा के राजनीतिक स्तंभ के रूप में याद किया जाएगा।
मोदी ने एक बयान में कहा, “ओडिशा के विकास में जी. बी. पटनायक के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।”
मोदी ने कहा, “पटनायक को ओडिशा के राजनीतिक स्तंभ और जनता के नजरिए एवं अकांक्षाओं से खुद को जोड़कर रखने वाले एक लोकप्रिय नेता के रूप में याद किया जाएगा।”
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