भुवनेश्वर, 8 जनवरी (आईएएनएस)। ओडिशा में विभिन्न मजदूर संगठनों द्वारा केंद्र सरकार की ‘श्रमिक विरोधी नीतियों’ के खिलाफ आहूत दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
राज्य के कई शहरों में लोगों को बसों और ऑटोरिक्शा को पाने में कठिनाई हो रही है क्योंकि प्रदर्शनकारी विभिन्न स्थानों पर सड़कों पर आवागमन बाधित कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कई रेलवे स्टेशनों पर भी पटरियों को बाधित कर दिया जिससे ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ।
इसके अलावा राज्य में बड़ी संख्या में दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी बंद हैं।
हड़ताल के मद्देनजर राज्य सरकार ने मंगलवार को सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने की घोषणा की है।
सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) और विपक्षी कांग्रेस ने हड़ताल को अपना समर्थन दिया है।
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के राज्य सचिव सौरीबंधु कार ने कहा कि ‘केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखा जाएगा।’
मजदूर संगठन न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, सरकारी उद्यमों के निजीकरण को रोकने, रेलवे, बैंकों और बीमा क्षेत्रों में विदेशी निवेश को बंद करने और बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरियों सहित 12 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
कटक-भुवनेश्वर पुलिस आयुक्त सत्यजीत मोहंती ने कहा कि विभिन्न शहरों में अलग-अलग मजदूर संघों द्वारा हड़ताल के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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