भुवनेश्वर, 4 अगस्त (आईएएनएस)। ओडिशा की एक अदालत ने मंगलवार को एक बच्चे की बलि देने वाले एक स्वयंभू ‘संत’ को मृत्युदंड सुनाया।
स्वयंभू संत, पीतांबर गैपर ने 11 फरवरी, 2010 को एक बच्चे की बलि ली थी।
राज्य के जाजपुर जिले की जिला और सत्र अदालत ने 22 चश्मदीद गवाहों से जिरह और उनके बयानों के आधार पर पीतांबर को मृत्युदंड सुनाया।
सरकारी वकील किशोर कर ने कहा, “अदालत ने अपराध को जघन्यतम करार देते हुए संत को मृत्युदंड सुनाया।”
उन्होंने कहा कि ढोंगी संत ने बच्चे का रक्त महिलाओं को दिया था और कहा था कि इसे पीकर वे अमर हो जाएंगी। 18 फरवरी, 2010 को उसे गिरफ्तार किया गया था।
सरकारी वकील ने बताया कि 11 फरवरी, 2010 को जाजपुर जिले के इचापुर गांव में एक ढोंगी संत ने श्रीकांत बाग (8) की बलि ली थी।
वकील ने कहा कि पीतांबर बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसका सिर कलम कर सिर को देवी की मूर्ति के करीब गाड़ दिया।
बच्चे के परिवार की ओर से शिकायत दर्ज कराए जाने और पूछताछ के बाद पुलिस ने पीतांबर को गिरफ्तार कर लिया।
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