भुवनेश्वर, 21 मई (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ओडिशा आधिकारिक भाषा अधिनियम, 1954 को 15 अगस्त तक लागू कर देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य में सरकारी कार्यो को उड़िया भाषा में बेहतर तरीके से करने के लिए ओडिशा आधिकारिक भाषा नियम निर्माण के अंतिम चरण में है। इस उद्देश्य के लिए 1954 के अधिनियम में उचित संशोधन किया गया है। मुझे उम्मीद है कि 15 अगस्त तक यह लागू हो जाएगा।”
राज्य में बीजू जनता दल (बीजद) सरकार की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर वे अपने मंत्रिपरिषद को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उड़िया भाषा तथा ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्प है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़िया भाषा को बढ़ावा देने के लिए एक विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जहां उड़िया भाषा पढ़ाई जाएगी तथा स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट तथा पोस्ट डॉक्टरेट स्तर पर शोध कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस साल के बजट में घोषित ‘उड़िया वर्चुअल अकादमी’ जल्द ही वास्तविक रूप लेगा।
इस अकादमी के माध्यम से उड़िया भाषा के समृद्ध साहित्य को डिजिटाइज्ड किया जाएगा और इसे इंटरनेट पर उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “डिजिटाइजेशन के लिए उड़िया भाषा की पुस्तकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। उड़िया साहित्य की बेशकीमती पुस्तकों को संरक्षित किया जाएगा।”
पटनायक ने कहा कि विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में उड़िया भाषा के संकायों की नियुक्ति प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी और स्कूल ऑफ लैंग्वेज की स्थापना नॉर्थ ओडिशा युनिवर्सिटी तथा फकीर मोहन युनिवर्सिटी में की जाएगी।
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