वाशिंगटन, 8 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने देशवासियों के सामने शस्त्र नियंत्रण की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि वह किसी भी ऐसे प्रत्याशी का समर्थन नहीं करेंगे जो सहज दिखने वाले शस्त्र नियमन का विरोध करेगा, चाहे वह उनकी अपनी ही पार्टी का क्यों न हो। साथ ही उन्होंने इस मामले में अपनी हार भी मानी कि उनके कार्यकाल में शस्त्र नियमन का होना संभव नहीं दिख रहा है।
वाशिंगटन, 8 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने देशवासियों के सामने शस्त्र नियंत्रण की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि वह किसी भी ऐसे प्रत्याशी का समर्थन नहीं करेंगे जो सहज दिखने वाले शस्त्र नियमन का विरोध करेगा, चाहे वह उनकी अपनी ही पार्टी का क्यों न हो। साथ ही उन्होंने इस मामले में अपनी हार भी मानी कि उनके कार्यकाल में शस्त्र नियमन का होना संभव नहीं दिख रहा है।
ओबामा ने गुरुवार रात टेलीविजन पर सीधे प्रसारण में अपने विरोधियों के इस आरोप को ‘कल्पना की उड़ान’ बताया कि वह कानून का सम्मान करने वाले अमेरिकियों के हाथों से बंदूक छीन लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विरोधी उनके बंदूक सुरक्षा उपायों को तोड़ मरोड़कर पेश कर रहे हैं।
ओबामा ने कहा, “इसे इस तरह से पेश किया जा रहा है कि हम सभी से बंदूक ले लेना चाहते हैं। आप उनके शब्दाडंबर को देखिए, कितनी चीख-पुकार है, किस हद तक यह जरूरत से अधिक गरम है।”
ओबामा ने ये बातें ‘गन्स इन अमेरिका’ कार्यक्रम में कही। मंगलवार को उन्होंने बंदूक नियंत्रण के लिए जिन कार्यकारी उपायों की घोषणा की, उसके लिए वह जनसमर्थन जुटा रहे हैं। उन्होंने इस दलील को गलत बताया कि अधिकांश अपराधी अवैध तरीके से या निजी संपर्को के बल पर बंदूक हासिल कर लेते हैं। इसलिए ओबामा प्रशासन के बंदूक नियंत्रण उपायों के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलू, हथियार विक्रेता और क्रेता की पृष्ठभूमि की जांच का कोई खास अर्थ नहीं रह जाता है।
ओबामा ने कहा, “हम में से हर कोई मानेगा कि यह बात अक्लमंदी की है कि हम वह सभी कुछ करें जो बंदूक को ऐसे लोगों के हाथ में पहुंचने से रोक सके जो दूसरों को या खुद को नुकसान पहुंचा सकते है।”
उन्होंने कांग्रेस से पृष्ठभूमि की जांच की एक ऐसी व्यवस्था बनाने को कहा जो प्रभावी हो और जो वैध बंदूकधारियों को असुविधा से बचाए।
इस कार्यक्रम से पहले ओबामा ने न्यूयार्क टाइम्स में लिखा, “मैं अपनी पार्टी तक के किसी भी ऐसे प्रत्याशी का न समर्थन करूंगा और न ही प्रचार, जो शस्त्र नियमन का समर्थन नहीं करेगा।”
ओबामा शस्त्र नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास करते रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए अपनी हार मान ली कि बंदूक सुधार इस कांग्रेस या उनके कार्यकाल में नहीं होने जा रहा है।
हालांकि उनका अब भी कहना है कि इस संकट से निपटने की जिम्मेदारी पूरे अमेरिका की है।
सीएनएन/ओआरसी के जनमत सर्वेक्षण के नतीजों के मुताबिक अधिकांश अमेरिकी (67 फीसदी) ओबामा द्वारा इस सप्ताह ऐलान किए गए शस्त्र नियंत्रण उपायों को सही मानते हैं। लेकिन, 57 फीसदी अमेरिकियों को नहीं लगता कि इन पर अमल हो सकेगा और ये सच में काम के साबित होंगे।
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