ओबामा भारतीय मूल के छह वैज्ञानिकों को देंगे शोध क्षेत्र का सम्मान

वाशिंगटन, 19 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भारतीय मूल के छह युवा वैज्ञानिकों को करियर के शुरुआती दौर में मिलने वाले राष्ट्रपति सम्मान से नवाजेंगे। स्वतंत्र शोध के लिए युवा वैज्ञानिकों और अभियंताओं को अमेरिकी सरकार की ओर से दिए जाने वाले इस सर्वोच्च सम्मान से कुल 106 शोधकर्ता नवाजे जाएंगे।

वाशिंगटन, 19 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भारतीय मूल के छह युवा वैज्ञानिकों को करियर के शुरुआती दौर में मिलने वाले राष्ट्रपति सम्मान से नवाजेंगे। स्वतंत्र शोध के लिए युवा वैज्ञानिकों और अभियंताओं को अमेरिकी सरकार की ओर से दिए जाने वाले इस सर्वोच्च सम्मान से कुल 106 शोधकर्ता नवाजे जाएंगे।

वाशिंगटन डीसी में इसी वसंत में एक समारोह का आयोजन होगा जिसमें ये वैज्ञानिक यह सम्मान ग्रहण करेंगे।

ओबामा ने कहा, “ये युवा वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन से हमारे स्वास्थ्य को मिलने वाली चुनौतियों को समझने और उनका मुकाबला करने के हमारे प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “हम इन गुणवान लोगों बधाई देते हैं और इन्हें अमेरिकी जनता की सेवा करते रहने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।”

व्हाइट हाउस की उद्घोषणा में कहा गया है कि ‘द प्रेसिडेंशियल अर्ली करियर अवार्ड्स’ अर्थव्यवस्था के विकास और सबसे बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए अमेरिकी नवोन्मेष को गति बढ़ाने और प्रोत्साहन देने में खास भूमिका निभाने के महत्व को रेखांकित करता है।

इस पुरस्कार को 1996 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने शुरू किया था।

जिन छह भारतीय-अमेरिकियों को इस सम्मान से नवाजा जाना है उनमें मिलिंद कुलकर्णी, किरण मुसुनुरु, सचिन पटेल, विक्रम श्याम, राहुल मंघाराम और श्वेतक पटेल शामिल हैं।

कुलकर्णी पुरड्यू विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ इलेक्ट्रिकल एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उनका शोध कंप्यूटर की भाषा पर आधारित है।

किरण मुसुनुरु हार्वर्ड विश्वविद्यालय में स्टेम सेल और रिजेनेरेटिव बायोलॉजी के सहायक प्रोफेसर हैं। इनका शोध कार्डियो वास्कुलर यानी हृदवाहिनियों की आनुवांशिकी और मेटाबॉलिक रोगों पर आधारित है।

सचिन पटेल मनोरोग चिकित्सा के सहायक प्रोफेसर हैं।

विक्रम श्याम अमेरिकी अंतरिक्ष संस्थान नासा के ग्लेन रिसर्च सेंटर में टर्बो मशीनरी और हीट ट्रांसफर ब्रांच के सदस्य हैं।

राहुल मंघाराम पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल एवं सिस्टम इंजीनियरिंग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।

श्वेतक पटेल वाशिंगटन विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं।

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