ओलम्पिक पदक के ख्याल में खोई नहीं हूं : मौमा

कोलकाता, 26 जून (आईएएनएस)। खेलों के महाकुंभ का समय नजदीक है। इस साल रियो, ओलम्पिक खेलों की मेजबानी करेगा। भारत की महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी मौमा दास दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन में प्रतिष्ठित पदक हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

कोलकाता, 26 जून (आईएएनएस)। खेलों के महाकुंभ का समय नजदीक है। इस साल रियो, ओलम्पिक खेलों की मेजबानी करेगा। भारत की महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी मौमा दास दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन में प्रतिष्ठित पदक हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि वह हालांकि पदक जीतने का बारे में ज्यादा नहीं सोच रही हैं, लेकिन उनकी कोशिश पोडियम तक पहुंच भारत को सम्मान दिलाने की होगी।

मौमा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मैं वहां इस सोच के साथ नहीं जाऊंगी की मुझे पदक जीतना ही है। मेरी तैयारी पूरी है, लेकिन मुझे नहीं पता है कि वहां मेरे लिए क्या होगा।”

मौमा के साथ एक पूरी टीम काम कर रही है ताकि वह ओलम्पिक में भारत को पदक दिला सकें।

मौमा ने कहा, “यह टीम प्रयास है। मेरे कोच देबब्रत चक्र्वती मेरे साथ हैं। मुझे जर्मनी के कोच पीटर एंजेल, पूर्व कोच जयंता पुशीलाल और भबानी मुखर्जी का साथ मिल रहा है। मेरे साथ फीजिकल ट्रेनर भी काम कर रहे हैं। मैं प्रणिक चिकित्सा भी ले रही हूं उम्मीद है ओलम्पिक तक मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में आ जाऊंगी।”

मौमा ओलम्पिक में खेल के प्रारूप को लेकर चिंतित दिखीं।

उन्होंने कहा, “हर ओलम्पिक में प्रारूप बदलता है। कई बार टूर्नामेंट राउंड रोबिन प्रारूप में होता है, कई बार नॉक आउट प्रारूप में। 2004 में यह नॉक आउट था, लेकिन जब साल 2000 में पोलमी (घटक) खेली थीं तो यह ग्रुप प्रारुप में था।”

उन्होंने कहा, “मैं नहीं जानती की इस बार यह किस प्रारूप में खेला जाएगा, लेकिन मैं तैयार हूं।”

मौमा इस बात से खुश दिखीं की भारतीय टेबल टेनिस इस समय आगे बढ़ रहा है, उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह इसी तरह आगे बढ़ता रहेगा।

उन्होंने कहा, “भारतीय खिलाड़ी इस खेल में काफी अच्छा कर रहे हैं। हमने पिछले कुछ सालों में काफी सुधार किया है, चाहे वह व्यक्तिगत रैंकिंग में हो या विश्व रैंकिंग में।”

मौमा के अलावा रियो में क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों में सौम्यजीत घोष, अचंता शरथ कामत और मनिका बत्रा शमिल हैं।

मौमा के मुताबिक अगर इस खेल की लीग की शुरुआत की जाए तो यह खेल भारत में काफी आगे जा सकता है।

उन्होंने कहा, “लीग कराने का विचार है। उम्मीद है कि यह खेल का प्रचार करेगी और युवा खिलाड़ियों को आर्कषित करेगी।”

मौमा ने राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैम्पियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों को मिलाकर कुल 17 पदक अपने नाम किए हैं। हालांकि उनके टेबल टेनिस करियर की शुरुआत वाई चांस हुई थी।

उन्होंने कहा, “मैं काफी शैतान बच्ची थी इसलिए मेरे माता पिता ने मुझे टेबल टेनिस में डाला। पहले मुझे घंटों एक कमरे में बंद रहना पसंद नहीं था, लेकिन जब मैं पुरस्कार और पदक जीतने लगी तो मैं इस खेल से प्यार करने लगी।”

ओलम्पिक के लिए मौमा को खेल एंव युवा मामले के मंत्रालय से ओलम्पिक पोडियम योजना का साथ मिला हुआ है।

मौमा ने कहा, “मुझे जर्मनी में जा कर कोच पीटर एंजेल के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण हासिल करना था, लेकिन मेरे पिताजी की तबियत खराब है इसलिए मैं वहां नहीं जा सकी। लेकिन मैंने उनसे (एंजेल) वॉहट्सएप और स्काइप पर बात की है।”

अपने अभ्यास कार्यक्रम के बारे में बताते हुए मौमा ने कहा, “सुबह में 7:30 से 10:30 तक और शाम को छह बजे से नौ बजे तक अभ्यास करती हूं।”

मौमा ने 2004 में ओलम्पिक में ंहिस्सा लिया था, लेकिन वह हार गई थीं। अर्जुन अवार्ड हासिल करने वाली मौमा इस बार रियो में अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार हैं।

उन्होंने कहा, “मैं काफी युवा हूं। मैं खुश हूं कि मैं ओलम्पिक में जगह बना सकी। मैं अपने से ज्यादा रैंकिंग वाले खिलाड़ी से हार गई थी, लेकिन मुझे शीर्ष खिलाड़ियों के साथ खेलना अच्छा लगा था।”

उन्होंने कहा, “लेकिन अब समय बदल गया है, मेरे पास अनुभव है और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493