नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि कॉरपोरेट गवर्नेस को मजबूत करने के लिए कंपनी अधिनियम और भारतीय प्रतिभूति एवं नियामक बोर्ड (सेबी) के नियमों में और बदलाव की जरूरत है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा कॉरपोरेट गवर्नेस पर आयोजित एक कार्यक्रम में वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने कहा, “कॉरपोरेट गवर्नेस को मजबूत करने के लिए कंपनी अधिनियम में और बदलाव की जरूरत है। साथ ही सूचीबद्ध कंपनियों के प्रति सेबी के नियमों में और बदलाव की जरूरत है।”
उन्होंने कहा, “हम कॉरपोरेट गवर्नेस में व्यापक बदलाव की संभावना देख रहे हैं। पूंजीवाद की प्रकृति में बड़े बदलाव की संभावना देख रहे हैं। ये बदलाव उन दायरों के भीतर ही हैं, जिनका गरीब हितैषी और बाजार हितैषी सरकार होने के नाते हम पालन कर रहे हैं।”
मंत्री ने कहा कि कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए कॉरपोरेट गवर्नेस के तौर-तरीकों में बदलाव करना जरूरी है।
उन्होंने कहा, “इसलिए गवर्नेस हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यदि हम कॉरपोरेट गवर्नेस के सर्वोत्तम मानकों का पालन नहीं करेंगे, तो हमारी कंपनियों के लिए निवेश और प्रतिभा को आकर्षित कर पाना कठिन होगा।”
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