कमजोर घरेलू मांग, विदेशी संकेतों से रूई में छाई मंदी

नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। घरेलू मिलों की मांग में नरमी और कमजोर विदेशी संकेतों से भारतीय बाजार में रूई के कारोबार में मंदी का रुख बना हुआ है। घरेलू वायदा बाजार में रूई के सौदों में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। विदेशी वायदा बाजार में भी रूई के भाव में करीब आधा फीसदी की नरमी रही।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कॉटन (रूई) का फरवरी वायदा अनुबंध शाम 19.20 बजे 210 रुपये यानी एक फीसदी की गिरावट के साथ 20,690 प्रति गांठ (170 किलो) रुपये पर बना हुआ था। इससे पहले भाव 20,670 रुपये प्रति गांठ तक फिसला, जबकि ऊपरी स्तर 20,860 रुपये रहा।

अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर मार्च डिलीवरी कॉटन अनुबंध 0.56 फीसदी की कमजोरी के साथ 73.23 सेंट प्रति पौंड पर बना हुआ था। इससे पहले मार्च अनुबंध में 72.67 सेंट से लेकर 73.87 सेंट प्रति पौंड के बीच कारोबार हुआ।

हाजिर में बेंचमार्क गुजरात शंकर-6 कॉटन (29 एमएम) में पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले करीब 200 रुपये की कमजोरी के साथ 42,500 रुपये प्रति कैंडी (356 किलो) पर कारोबार हुआ।

उत्तर भारत के बाजारों में कॉटन में 10-15 रुपये प्रति मन की गिरावट दर्ज की गई। पंजाब में कॉटन में 4,330-4,410 रुपये प्रति मन (37.32 किलो), हरियाणा में 4,350-4,450 रुपये प्रति मन और राजस्थान में 4,310-4,360 रुपये प्रति मन पर सौदे हुए।

गुजरात के कड़ी के रूई कारोबारी दिलीप पटेल ने कहा कि इस समय रूई में घरेलू मिलों की मांग कमजोर है, इसलिए कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विदेशी बाजार में भी रूई में मंदी का रुख बना हुआ है, जिससे घरेलू बाजार पर असर पड़ा है।

बाजार विश्लेषक मुंबई के गिरीश काबड़ा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रूई के दाम में पिछले दिनों गिरावट आने के बाद निर्यात के सौदे कम हुए हैं और देसी मिलों की मांग भी कमजोर है, जिससे बाजार में नरमी का रुझान है।

हालांकि कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अतुल गंतरा ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से निर्यात मांग में आगे तेजी आने की संभावना है।

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