बेंगलुरू, 10 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक में शनिवार को मैसूर के पूर्व शासक टीपू सुल्तान की 269वीं जयंती मनाई गई, लेकिन कार्यक्रम में एक व्यक्ति, जिनकी अनुपस्थिति साफ नजर आई वह थे मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी।
उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर जो राजकीय उत्सव का उद्घाटन करने वाले थे, वह भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। निरंकुश शासक टीपू की स्मृति में विधान सौध के उत्सव के भारतीय जनता पार्टी के विरोध को लेकर सुरक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। समारोह की अध्यक्षता जल संसाधन मंत्री और कांग्रेस नेता डी. के. शिवकुमार ने की।
समारोह में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बी.जेड. जमीर अहमद खान और संस्कृति मंत्री जयमाला ने भी हिस्सा लिया। दोनों कांग्रेस पार्टी के नेता हैं। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम से गठबंधन में सहयोगी पार्टी जनता जद-सेक्युलर (जद-एस) ने किनारा किया।
दरअसल, आधिकारिक तौर पर आमंत्रित अतिथियों की सूची में कुमारस्वामी का नाम मौजूद नहीं था। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि वह चिकित्सक की सलाह पर तीन दिन से विश्राम कर रहे थे।
कुमारस्वामी के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि सरकार टीपू सुल्तान की जयंती नहीं मना रही है, लेकिन प्रशासन में टीपू के प्रगतिशील कदम और उनके नवाचारी कार्य प्रशंसनीय है।
एक बयान में कहा गया- “मुख्यमंत्री चिकित्सक की सलाह पर विश्राम कर रहे हैं इसलिए वह कार्यक्रम में हिस्सा लेने से असमर्थ हैं। हालांकि यह बात सच्चाई परे है कि उनको सत्ता गंवाने का खतरा है।”
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खान ने संवाददाताओं को बताया, “परमेश्वर का पहले से ही सिंगापुर दौरा तय था।”
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