कर्नाटक में 500 रुपये के नए नोट न होने से मचा त्राहिमाम

बेंगलुरु, 21 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के 13 दिन बीत जाने के बाद भी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कर्नाटक को 500 रुपये का नोट जारी नहीं किया है, जिसके कारण राज्य में नकदी को लेकर त्राहिमाम मचा है।

बेंगलुरु, 21 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी के 13 दिन बीत जाने के बाद भी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कर्नाटक को 500 रुपये का नोट जारी नहीं किया है, जिसके कारण राज्य में नकदी को लेकर त्राहिमाम मचा है।

आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय के एक अधिकारी ने यहां आईएएनएस से सोमावर को कहा, “राज्य के बैंकों को वितरित करने के लिए हमें हमारे मुंबई के केंद्रीय कार्यालय से 500 रुपये के नए नोट अभी तक नहीं मिले हैं। हम इसकी आपूर्ति के बारे में सूचना का इंतजार कर रहे हैं।”

रिजर्व बैंक ने 10 नवंबर से ही सभी बैंकों के ट्रेजरी चेस्ट तथा डाकघरों को 2,000 रुपये के नए नोटों की आपूर्ति शुरू कर दी, लेकिन 500 रुपये का नोट उपलब्ध न होने से पूरे प्रदेशवासियों को भारी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है।

पुराने नोटों में 1,000 रुपये तथा 100 रुपये के बाद 500 का नोट तीसरी सबसे बड़ी करेंसी था। 1000 के नोट के साथ 500 के नोट अमान्य हो जाने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका समाधान करने में आरबीआई तथा बैंकों के पसीने छूट रहे हैं।

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन के महासचिव ए. एन. कृष्णमूर्ति ने आईएएनएस से कहा, “हमारे अधिकारी आरबीआई के स्थानीय कार्यालय में 500 रुपये के नोट के लिए बीते 10 दिनों से कतार में खड़े हो रहे हैं। हम हालात से निपटने में खुद को अक्षम महसूस कर रहे हैं, क्योंकि 500 रुपये की मांग 2,000 तथा 100 के नोटों से अधिक है।”

कृष्णमूर्ति ने कहा, “हमें पूरी उम्मीद है कि इस सप्ताह हमें 500 रुपये के नोट मिल जाएंगे, क्योंकि मैसूर सहित देश भर में उसकी छपाई चौबीसों घंटे चल रही है।”

2000 की नोट उपलब्ध तो है लेकिन वह समाधान के बजाए खुद ही एक समस्या बन गई है। इस नोट से कुछ भी खरीदारी करने के बाद 100 या 50 के नोट में खुला मिलना असंभव होने की हद तक भी मुश्किल हो जा रहा है क्योंकि छोटी नोट भी बड़ी संख्या में उपलब्ध नहीं हैं। रिजर्व बैंके के आंकड़े के मुताबिक देश में कुल करेंसी का 86 फीसदी 1000 व 500 के नोट का था। यानी बाकी सभी मुद्रा महज 14 फीसदी ही हैं।

कृष्णमूर्ति ने कहा, “हम उस वक्त खुद को असहाय महसूस करते हैं, जब ग्राहक हमसे 500 रुपये के नोटों की मांग करते हैं। हम इसके न होने का कारण उन्हें समझाने में असमर्थ हैं। आरबीआई ने अभी तक हमें इसकी आपूर्ति नहीं की है।”

कृषि उपकरण बनाने वाले एक उद्यमी एन काशीनाथ ने कहा, “जब आरबीआई के पास 500 रुपये के नए नोटों का स्टॉक नहीं था, तो फिर उसने 500 रुपये के पुराने नोट क्यों बंद किए।”

डिपार्टमेंट स्टोर के मालिक मोहम्मद मोईद्दीन ने कहा कि 500 का नोट सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला नोट होता है। इसके न होने से कारोबार करना मुश्किल हो गया है। 100 और 50 के नोट भी बहुत कम हैं।

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