केडी सिंह स्टेडियम के पास रैली के समाप्त होने के बाद सहारियन कामगार संगठन के प्रदेश के अध्यक्ष ऋषि कुमार त्रिवेदी ने मीडिया से कहा, “सहारा प्रबंधन ने बीते ढाई वर्षो से अपने कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं कर रहा है और वेतन की मांग किए जाने पर सभी कर्मचारियों को असंवैधानिक एवं गैरकानूनी ढंग से विभिन्न राज्यों में स्थानांतरित किया जा रहा है, जहां ज्वाइन न करने पर नौकरी से निकाला जा रहा है। यही नहीं, जबरन त्यागपत्र लिखवाया जा रहा है।”
त्रिवेदी ने बताया, “कर्मचारियों के आर्थिक और मानसिक शोषण व उत्पीड़न तथा उनके संवैधानिक अधिकारों को दिलाने के लिए सहारियन कामगार संगठन ने अपर श्रम आयुक्त लखनऊ क्षेत्र को एक मांगपत्र एक दिसंबर, 2016 को दे चुका है और श्रम आयुक्त ने भी मांगपत्र को संज्ञान में लेते हुए सहारा प्रबंधन को नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन सहारा प्रबंधन बराबर अवहेलना करते हुए वार्ता के लिए मौजूद नहीं हुआ और न ही वेतन दिया।”
मीडिया प्रभारी राम तिवारी ने कहा कि जब तक सहाराकर्मियों को पूर्णतय: न्याय नहीं मिल जाता, तब तक सहारियन कामगार संगठन, लखनऊ उत्तर प्रदेश संघर्ष करता रहेगा और जल्द ही बड़े स्तर पर सहारा प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।
इससे पहले, सहारा स्टेट (जानकीपुरम) से सैकड़ों सहारा कर्मियों की विरोध रैली शुरू हुई, जो कपूरथला स्थित सहारा कॉरपोरेट कार्यालय पहुंचते ही जोरदार प्रदर्शन में बदल गई। कपूरथला में लगभग एक घंटे के प्रदर्शन के बाद रैली वायरलेस चौराहा स्थित ओ.पी. श्रीवास्तव के आवास के समक्ष प्रदर्शनकारियों की विरोध रैली जा पहुंची, वहां भी जमकर नारेबाजी हुई और अपनी मांगों को पूरा करने की मांग करने लगे।
काफी देर के तक यहां विरोध प्रदर्शन होने के बाद सहारा शहर, गोमतीनगर सहित विभिन्न मार्गो से होते हुए लक्ष्मण पार्क, केडी सिंह बाबू स्टेडियम के समक्ष विरोध रैली संपन्न हुई।
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