बेंगलुरू, 18 अगस्त (आईएएनएस)। स्थापित अर्थशास्त्रियों, कारोबारियों और अनुभवी कर पेशेवरों ने यहां अंतर्राष्ट्रीय कर शोध एवं विश्लेषण प्रतिष्ठान (आईटीआरएएफ) स्थापित किया है। प्रतिष्ठान अंतर्राष्ट्रीय कर व्यवस्था पर शोध और विश्लेषण करेगा।
सोमवार को स्थापित प्रतिष्ठान अंतर्राष्ट्रीय कर व्यवस्था पर गहन शोध करेगा। वैश्विक मानक पर उसे परखेगा और नीति निर्माताओं को इस क्षेत्र में सुझाव देगा।
आईटीआरएएफ अध्यक्ष पार्थसारथी शोम ने कहा, “भारत में आधारभूत आंकड़ा आधारित विश्लेषण का काफी अभाव है। हम इकॉनॉमेट्रिक मेथड, बायलेंस शीट मेथड तथा अन्य प्रणालियों से गहन शोध करेंगे।”
संगठन का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय कर व्यवस्था में सुधार करना, एक स्वतंत्र और निष्पक्ष मंच के रूप में उभरना, वैचारिक नेतृत्व प्रदान करना और कर नीतियों के आर्थिक प्रभाव की विवेचना करना है।
आईटीआरएएफ बोर्ड सदस्य और वित्त समिति के प्रमुख सुरेश सेनापति ने कहा, “मेक इन इंडिया, इन्नोवेशन इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया जैसे प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों की सफलता के लिए वैश्विक मानक के अनुरूप एक विकासशील और सुसंगत कर व्यवस्था जरूरी है।”
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