नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। आतंकवाद प्रभावित जम्मू एवं कश्मीर क्षेत्र के एक विद्यार्थी ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की प्रवेश परीक्षा में सफलता पाई है और संस्थान में पढ़ाई कर एक कामयाब चिकित्सक बनने को लेकर उत्साहित है।
नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। आतंकवाद प्रभावित जम्मू एवं कश्मीर क्षेत्र के एक विद्यार्थी ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की प्रवेश परीक्षा में सफलता पाई है और संस्थान में पढ़ाई कर एक कामयाब चिकित्सक बनने को लेकर उत्साहित है।
राजधानी श्रीनगर से 60 किलोमीटर दूर त्राल कस्बे के निवासी शाहिद नबी ने एम्स की प्रवेश परीक्षा में सफलता पाने के अलावा जम्मू एवं कश्मीर संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेकेसीईटी) में भी आठवां स्थान हासिल किया है।
शाहिद की उपलब्धि को लेकर उसके गांव बड़गाम में उत्साह का माहौल है। त्राल को आतंकवाद का गढ़ माना जाता है और यह क्षेत्र हमेशा अशांत रहता है। शाहिद के पिता एक किसान और मिस्त्री हैं।
शहिद ने कहा, “मेरे लिए यह लक्ष्य पाना कभी मुश्किल नहीं था, क्योंकि मैंने शुरुआत से इसी पर ध्यान केंद्रित किया था।”
शाहिद ने आईएएनएस को फोन पर बताया, “मेरे गांव में माहौल हमेशा संवेदनशील रहता है, लेकिन मैंने हमेशा अपनी पढ़ाई को सर्वोपरि रखा।”
शाहिद ने कहा कि वह एम्स में दाखिला लेगा, क्योंकि यह हमेशा से उसकी प्राथमिकता रही है।
उधर, बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एक्जामिनेशंस ने जेकेसीईटी के नतीजे भी शनिवार रात जारी कर दिए। जम्मू एवं कश्मीर में 28,000 विद्यार्थियों ने मई में इस परीक्षा में हिस्सा लिया था।
यह पहला मौका नहीं है जब हिंसा प्रभावित कश्मीर के किसी विद्यार्थी ने इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले भी कश्मीर घाटी के कई विद्यार्थियों और उम्मीदवारों ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और राष्ट्र स्तरीय दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है।
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