जम्मू/श्रीनगर, 25 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू और श्रीनगर दोनों स्थानों पर गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
यहां मौलाना आजाद स्टेडियम में 1,000 से भी अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
सुरक्षा बलों द्वारा किए गए अन्य सुरक्षा इंतजामों में ड्रॉप गेट्स, इलेक्ट्रॉनिक संपर्क नियंत्रण उपकरण, मानवरहित विमान, ड्रोन और दोनों शहरों में संवेदनशील प्रतिष्ठानों के आसपास क्लोज स*++++++++++++++++++++++++++++र्*ट टेलीविजन कैमरे लगाए गए हैं।
जम्मू में तवी नदी के आसपास सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और जम्मू एवं पठानकोट के बीच रेल पटरियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पंजाब के पठानकोट में वायुसेना अड्डे पर दो जनवरी को हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू पर खास ध्यान केंद्रित किया है।
सांबा, कठुआ और जम्मू के सीमावर्ती जिलों में दो दर्जन से भी अधिक असामाजिक तत्वों को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया है।
सेना ने संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए स्पॉट लाइट लगे हेलीकॉप्टरों की मदद ली है।
पुलिस महानिदेशक के. राजेंद्र कुमार ने कहा, “हमने तीन स्तरीय सुरक्षा-व्यवस्था की है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हम गणतंत्र दिवस परेड के मद्देनजर नियमित तौर पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा ले रहे हैं।”
कुमार ने साथ ही कहा कि जम्मू या राज्य में कहीं और किसी प्रकार के हमले की संभावना की कोई खुफिया जानकारी नहीं मिली है।
26 जनवरी की परेड के लिए श्रीनगर में बख्शी स्टेडियम के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सुरक्षा कारणों से मंगलवार को जम्मू के मुख्य बस अड्डे को बंद कर दिया जाएगा।
कलूचक, अखनूर, सांबा और मिरियां साहिब शहरों में स्थित सैन्य अधिकारियों के आवासों के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सेना सभी सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी। सीमा सुरक्षा बल ने भी सीमाओं पर सुरक्षा इंतजाम कड़े करते हुए अतिरिक्त बल तैनात किए हैं।
सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासिन मलिक सहित सभी अलगाववादी नेताओं ने गणतंत्र दिवस के मौके पर विरोध स्वरूप बंद का आह्वान किया है।
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