श्रीनगर, 20 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस ने राज्य सरकार में प्रभावी नेतृत्व की कमी का हवाला देते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती द्वारा कश्मीर मसले पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है।
नेशनल कांफ्रेंस के नेता अली मोहम्मद सागर ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, “यह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि कश्मीर घाटी में आठ जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के पूरे दो सप्ताह बाद मुख्यमंत्री ने यह बैठक बुलाई है।”
उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटी में आतंकवाद के पोस्टर ब्वॉय बन चुके वानी की भारतीय सुरक्षा बलों के हाथों मौत के बाद हिंसक विरोध-प्रदर्शन भड़क उठे और घाटी में कर्फ्यू लगाना पड़ा। कश्मीर घाटी में दो सप्ताह से कर्फ्यू जारी है और इस दौरान हिंसक झड़पों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
सागर ने कहा, “इस बीच मतृकों और घायलों की संख्या बढ़ती रही। अच्छा होता कि मुख्यमंत्री पहले ही हमारी पार्टी की ओर से पेश की गई मदद स्वीकार कर लेतीं, इसकी बजाय वह लोगों में असंतोष और जन-धन की हानि के बढ़ने का इंतजार करती रहीं।”
उन्होंने कहा कि गुरुवार को बुलाई गई इस सर्वदलीय बैठक का हमारी पार्टी इसलिए भी बहिष्कार करती है, क्योंकि ‘राज्य सरकार में इस समय कोई प्रभावशाली नेतृत्व मौजूद नहीं है’।
सागर ने राज्य में सत्तारूढ़ पीडीपी के विधायक मुजफ्फर हुसैन बेग सहित कई अन्य नेताओं के बयानों का हवाला दिया और कहा, “उनके बयानों ने न सिर्फ भ्रम की स्थिति पैदा की है बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय की स्थिति को भी कमजोर किया है।”
उल्लेखनीय है कि बेग ने वानी के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान पर संदेह जताया था और आरोप लगाया था कि सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में मुख्यमंत्री मुफ्ती को पूरी जानकारी नहीं दी थी।
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