काबुल पुलिस प्रमुख अब्दुल रहमान राहिनी ने मृतकों की संख्या 28 बताई। उनका कहना है कि मृतकों में अधिकांश स्थानीय नागरिक हैं।
विस्फोट के बाद तालिबान आतंकवादियों ने गोलीबारी भी की।
अधिकारियों ने बताया कि यह विस्फोट वीआईपी की सुरक्षा में तैनात खुफिया सेवा इकाई के जवानों को निशाना बनाकर किया गया। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, बंदूकधारी इकाई के अंदर प्रवेश करने में सफल रहे थे।
सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के मीडिया विभाग के प्रमुख इस्माइल कावोसी ने कहा कि इस हमले में 327 लोग घायल हो गए और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
‘टोलो न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया। विस्फोट के बाद क्षेत्र में भारी गोलीबारी लगभग दो घंटे तक होती रही।
खुफिया इकाई परिसर पुल-ए-महमूद खान क्षेत्र में रक्षा मंत्रालय के पास स्थित है।
अधिकारियों का कहना है कि देर सुबह तक सुरक्षाबल स्थिति को नियंत्रित करने में सफल रहे।
राष्ट्रपति अशरफ गनी ने हमले की निंदा करते हुए इसे आतंकवादी हमला बताया। तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इस तरह के हमलों से लड़ाकों द्वारा सुरक्षाबलों का सामना करने की क्षमता का पता चलता है।
आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता सेदिक सिद्दीकी ने कहा कि सुरक्षाबलों ने एक हमलावर को मार गिराया।
घटनास्थल पर मौजूद टोलो न्यूज के संवाददाता ने बताया कि क्षेत्र में विशेष सुरक्षाबल तैनात हैं और अब स्थिति नियंत्रण में है।
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