नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय ने कावेरी बेसिन की वास्तविक स्थिति के आकलन के लिए कावेरी बेसिन का दौरा करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय तकनीकी दल का गठन किया है। केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष जी. एस. झा इस दल के अध्यक्ष होंगे।
इस दल के अन्य सदस्यों में सीडब्ल्यूसी के सदस्य एस. मसूद हुसैन, कृष्णा एवं गोदावरी बेसिन संगठन के चीफ इंजीनियर आर. के. गुप्ता, सीडब्ल्यूसी हैदराबाद तथा तमिलनाडु और कर्नाटक राज्यों के मुख्य सचिव या उनके प्रतिनिधि तथा तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी से एक-एक चीफ इंजीनियर शामिल होंगे।
इस दल की बैठक सात अक्टूबर को प्रात: 9.30 बजे बेंगलुरू में आयोजित होगी, जिसमें बैठक की तैयारी संबंधी कार्य और उसके बाद वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए कावेरी बेसिन क्षेत्र का दौरा करने तथा 17 अक्टूबर को सर्वोच्च न्यायालय में इसकी रपट दाखिल करने के बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा।
तमिलनाडु और कर्नाटक के मुख्य सचिवों से अपनी भागीदारी की पुष्टि करने या अपने प्रतिनिधियों के नाम भेजने और संबंधित चीफ इंजीनियर के भी नाम प्रेषित करने के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों को छह अक्टूबर तक बेंगलुरू पहुंचने के बारे में निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
केरल और पुडुचेरी के मुख्य सचिवों से संबंधित चीफ इंजीनियर के नाम भेजने और उन्हें छह अक्टूबर तक बेंगलुरू पहुंचने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।
इस विशेषज्ञ दल का गठन सर्वोच्च न्यायालय के चार अक्टूबर के आदेश के अनुपालन में किया गया है।
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