वन्यजीवों को संरक्षित रखने के प्रयासरूप यह कदम उठाया गया है।
झील के प्रशासनिक ब्यूरो ने कहा कि यहां आने वाले पर्यटक ड्रोन से फोटो खींचने के लिए प्रवासी राजहंस का पीछा करते थे।
स्थानीय अव्यवसायी फोटोग्राफर वांग किवेन ने कहा कि इसके परिणाम स्वरूप प्रत्येक वर्ष शीत ऋतु में आने वाले प्रवासी हंसों की संख्या में भी कमी आई है।
पक्षीविज्ञानी फांग हुआ ने कहा, “बेहतर फोटो खींचने के लिए कई लोग हार्न बजाकर और आतिशबाजी करके पक्षियों का ध्यान खींचने की कोशिश करते हैं।”
किंघाई झील में आने वाले पर्यटकों के व्यवहार पर नजर बनाए रखने के लिए प्रशासनिक ब्यूरो ने झील के आस-पास गश्त दल की आवृत्ति बढ़ा दी है।
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