नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत कीटनाशकों पर 18 फीसदी कर लगाया गया है, जिससे कीटनाशक निर्माता और किसान चिंतित हो गए हैं।
नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत कीटनाशकों पर 18 फीसदी कर लगाया गया है, जिससे कीटनाशक निर्माता और किसान चिंतित हो गए हैं।
कीटनाशक निर्माताओं का कहना है कि इससे कृषि की लागत में बढ़ोतरी होगी और किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, क्योंकि उपज बढ़ाने और कीटों को नियंत्रित करने में कीटनाशकों की अहम भूमिका है।
क्रॉपलाइफ इंडिया के निदेशक राजशेखर साखलकर ने कहा, “फिलहाल बुआई चल रही है, इसलिए इसका असर पता नहीं चल रहा, लेकिन इसका निश्चित रूप से नकारात्मक असर होगा।”
क्रॉपलाइफ इंडिया 14 भारतीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है, जो फसल सुरक्षा संबंधी उत्पाद बनाते हैं।
साखलकर ने कहा, “जीएसटी से पहले कीटनाशक पर 14-15 फीसदी कर था। हमें जीएसटी के अंतर्गत पांच से 12 फीसदी कर होने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया। इससे कृषि लागत में वृद्धि होगी।”
इलाहाबाद के चावल उत्पादक राजकुमार पाठक का कहना है, “अभी तो बुआई चल रही है। लेकिन किसानों के बीच चर्चा है कि कीटनाशकों के दाम बढ़नेवाले हैं।”
राजस्थान के कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी का कहना है, “हम इसके राष्ट्रीय स्तर पर उठाए जाने की जरूरत महसूस करते हैं, जिससे हमें भी फायदा होगा। यह किसानों की मूलभूत जरूरत है। हम इस मुद्दे को केंद्र सरकार की निगाह में लाने की कोशिश करेंगे।”
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