नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोगों के लिए राजनीति खुद के महिमामंडन का साधन है, ना कि दूसरों की सेवा।
उन्होंने कहा, “कुछ लोगों के लिए राजनीति मात्र उनके, उनकी निजी छवि और निजी महिमामंडन का साधन है।”
पूर्व केंद्रीय मंत्री ई. अहमद की याद में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “और फिर कुछ लोग हैं जिनके लिए राजनीति दूसरों की भलाई करने का साधन है। मुझे लगता है कि स्वर्गीय ई. अहमद साहब ऐसे राजनेता थे जिनके लिए राजनीति दूसरों का भला करने का साधन थी।”
ई. अहमद का निधन पिछले वर्ष लोकसभा में दिल का दौरा पड़ने के कारण हो गया था।
कार्यक्रम में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) अध्यक्ष सोनिया गांधी के आने की उम्मीद थी लेकिन वह नहीं आ सकीं। उन्होंने एक संदेश भेजा था जिसे आयोजकों ने पढ़ा।
राहुल ने उम्र में इतना अंतर होने के बाबजूद अहमद से जल्दी हो गई अपनी दोस्ती को याद किया। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की केरल इकाई के नेता अहमद लोकसभा में राहुल के पीछे की बैठते थे।
उन्होंने कहा, “उनके अंतिम समय में जब उनके परिजनों को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा था, तो मुझे बहुत बुरा लगा था। मुझे लगा कि यह अन्याय है।”
पिछले वर्ष बजट से पहले दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के संबोधन के दौरान अहमद लोकसभा कक्ष में ही हृदयाघात के कारण गिर गए थे। इसके बाद उन्हें तुरंत राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था। इसके अगले दिन वित्त मंत्री को बजट पेश करना था।
राहुल गांधी के बाद जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर इसकी जांच की जाएगी कि अहमद के परिजनों के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया गया था।
बैठक में कई सांसद पहुंचे, विशेषकर केरल से। इस दौरान अन्य विशिष्ट लोगों में कांग्रेस नेता ए.के. एंटनी, शशि थरूर और के. रहमान खान, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता मोहम्मद सलीम, माकपा नेता डी. राजा, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन और पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।
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