सऊदी अरब समर्थित अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राष्ट्रपति अब्द-रब्बू मंसूर हादी के नेतृत्व वाली सुन्नी सरकार और पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह का समर्थन करने वाले हौती विद्रोहियों तथा इसके अन्य घटक के बीच एक-दूसरे पर विश्वास तोड़ने के आरोपों और वार्ता एजेंडे को लेकर मतभेदों के कारण वार्ता तीन दिन देरी से शुरू हुई।
कुवैत के सरकारी रेडियो प्रसारक के मुताबिक, यमन शांति वार्ता के उद्घाटन सत्र में विपक्षी पार्टियां एक साथ बैठीं।
यमन में संयुक्त राष्ट्र के दूत इस्माइल आउल्द शेख अहमद ने सत्र की संयुक्त मेजबानी की और इसे संबोधित किया।
उन्होंने कहा, “मैंने मौजूदा संकट को समाप्त करने के लिए आप सभी को बुलाया है। मतभेद होते हैं, लेकिन इन्हें दूर किया जा सकता है और हमारी योजना नई राजनीतिक प्रक्रिया के लिए ठोस ढांचे का मार्ग प्रशस्त करेगी।”
यह वार्ता सुरक्षा परिषद की प्रस्तावना 2216 के अनुरूप पांच सूत्रों और खाड़ी सहयोग परिषद की पहल पर आधारित होगी।
उन्होंने कहा, “आइए, यमन में हिंसा समाप्त करने की प्रक्रिया कुवैत से शुरू करें।”
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