नई दिल्ली, 4 दिसंबर (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सिखों के सार्वजनिक स्थानों पर कृपाण और कड़ा (कलाई में पहना जानेवाला धातु का बना चूड़ा) रखने के लिए निर्देश जारी करने संबंधी याचिका पर मंगलवार को केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) द्वारा दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव की खंडपीठ कर रही है।
डीएसजीएमसी ने प्रशासन से कृपाण रखने को सिखों का अधिकार मानते हुए इसे उनकी पहचान के तौर पर मानने के लिए निर्देश मांगा है।
अदालत को बताया गया था कि 18 वर्षीय एक किशोर को कृपाण रखने के कारण इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला में प्रवेश देने से इंकार कर दिया गया था।
याचिका में संविधान में सिखों के धार्मिक अधिकार के तहत सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को संवेदनशील होने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।
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