न्यूयॉर्क, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि देश में कृषि क्षेत्र की स्थिति चिंताजनक है और सेवा क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने की क्षमता विनिर्माण क्षेत्र में है।
जेटली ने कहा, “सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा है। यह सालाना 9-10 फीसदी की दर से विस्तार कर रहा है। इस क्षेत्र को लेकर चिंता नहीं है।”
यहां एशियन सोसाइटी में मंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “कृषि निश्चित रूप से भारतीय अर्थव्यवस्था का चिंताजनक क्षेत्र है। इसका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महज 15 फीसदी योगदान है, लेकिन देश की करीब 55 फीसदी आबादी इस क्षेत्र में है। देश की अर्थव्यवस्था की मूल चिंता यही है।”
उन्होंने कहा, “अगले कुछ दशकों में हमें कृषि से अपनी आबादी के एक बड़े हिस्से को स्थानांतरित कर दूसरे क्षेत्र में लगाना होगा। विनिर्माण ही वह क्षेत्र हैं, जहां रोजगार की संभावना है।”
उन्होंने कहा, “हमें इस अवसर का लाभ उठाने से चूकना नहीं चाहिए।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम और उन पर दिए जा रहे जोर का जिक्र करते हुए जेटली ने कहा कि यही वह क्षेत्र है, जो भारत को एक विकसित देश बनने में मदद करेगा।
अपने 40 मिनट के भाषण में उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा, “जिसे पहले ‘नीतिगत अवरोध’ का विशेषण दिया जाता था, अब उसे ‘चमकता सितारा’ कहा जा रहा है।”
उन्होंने कहा, “वैश्विक मानक के लिहाज से भारत काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन तेजी से विकास करने, गरीबी मिटाने की और एक विकसित देश बनने की हमारी अपनी उम्मीद के हिसाब से हम और अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।”
वैश्विक अर्थव्यवस्था के बारे में उन्होंने संरक्षणवादी प्रवृत्ति पर चिंता जताई।
जेटली ने यहां एशिया सोसाइटी में अपने संबोधन में कहा, “विकासशील देशों का संरक्षणवाद उतना चिंताजनक नहीं है, जितना विकसित देशों का संरक्षणवाद, जहां संरक्षणवाद की अधिक आलोचना हो रही है।”
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