नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 3,900 करोड़ रुपये के खर्च के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को जारी रखने, उन्हें मजबूत करने और नए केंद्र बनाने को मंजूरी दे दी गई।
इस योजना के तहत 12वीं पंचवर्षीय योजना (202-17) में 642 मौजूदा केंद्रों को जारी रखा जाएगा और 109 नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, योजना में कई नए घटक जोड़े गए, जैसे, कृषि में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, फार्मर फर्स्ट कार्यक्रम, कृषि नवाचार कोष की स्थापना, आपदा प्रबंधन कोष और प्रौद्योगिकी सूचना इकाई।
इसमें लघु बीज प्रसंसकरण सुविधाएं, माइक्रो न्यूट्रिएंट एनालिसिस फैसिलिटीज, सौर पैनल, वॉयस केवीके, केवीके नेट और विशिष्ट केवीके भी शामिल हैं।
योजना में पुराने घटकों को जारी रखने का भी प्रावधान है, जिसमें शामिल हैं एकीकृत कृषि प्रणाली, वर्षा जल संभरण संरचना, मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशालाएं, मिनिमल प्रोसेसिंग फैसिलिटी, 16 नए कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र स्थापित करना, निर्यात प्रणाली पर नेटवर्क परियोजना और न्यू एक्सटेंशन मैथोडोलॉजीज एंड एप्रोच।
केवीके जिला स्तर पर ज्ञान और संसाधन केंद्र के रूप में काम करता है और स्थानीय महत्व वाली प्रौद्योगिकी के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बयान के मुताबिक, केवीके किसानों को प्रासंगिक सलाह देता रहता है।
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