उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली मार्जिन मनी को उप्र सरकार खर्च नहीं कर पा रही है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत दिए गए 120 करोड़ रुपये में से महज 92 करोड़ खर्च होना सरकार की लापरवाही को दर्शाती है।”
कलराज मिश्र गन्ना संस्थान में आयोजित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत होने वाले राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय महिला उद्यमियों को तैयार करने में जुटा हुआ है और इसके लिए तैयार खाके पर काम भी शुरू हो चुका है। ग्रामीण क्षेत्र में उद्यम लगाने वाली महिलाओं को 35 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 25 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गरीबों का खयाल रखते हुए केंद्र सरकार ने कई तरह की योजनाएं तैयार की हैं। मंत्रालय की ओर से काम हो रहा है। महिलाओं के साथ अनुसूचित और अनुसूचित जनजातियों के उन्नयन के लिए भी योजनाएं बनाई गईं हैं। इन्हें अनुदान देकर सरकार रोजगार के लिए प्रेरित कर रही है।
मिश्र ने कहा, “उप्र सरकार को केंद्र सरकार से समन्वय बिठाकर चलना चाहिए। इससे उप्र के विकास में तेजी आएगी। उप्र में भी कौशल विकास केंद्रों की स्थापना के लिए बातचीत चल रही है। मुख्यमंत्री ने 25 सेंटर्स स्थापित करने में सहयोग का भरोसा जताया है। हम उप्र को वरीयता के आधार पर रोजगारपरक कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।”
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत करने पर कुछ प्रक्रियागत दिक्कतें सामने आईं हैं। इन्हें दूर करते हुए विकास को गति दे रहे हैं। उप्र में बाधाएं सामने आने के बाद भी 6 हजार से अधिक लोगों के रजिस्ट्रेशन हुए हैं।
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